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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > Uttarkashi cloudburst rescue : धराली हादसा : प्रदेश सरकार ने वायुसेना से मांगी मदद
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Uttarkashi cloudburst rescue : धराली हादसा : प्रदेश सरकार ने वायुसेना से मांगी मदद

Web Editor
Last updated: 2025/08/05 at 1:36 PM
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Uttarkashi Cloudburst: Air Force Assistance Sought for Rescue in Harsil-Dharali

Uttarkashi cloudburst rescue :  धराली में युद्धस्तर पर चल रहे राहत और बचाव कार्य
घटनास्थल के लिए भेजे गए विक्टिम लोकेशन कैमरा, थर्मल इमेजिंग कैमरा

Uttarkashi cloudburst rescue : देहरादून : उत्‍तरकाशी जिले की हर्षिल घाटी स्थित धराली में बादल फटने का बाद हुई तबाही का दायरा बढता जा रहा है। हालांकि सेना, आइटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान राहत एवं बचाव कार्य में जुटेे हैं, लेकिन हालात को देखते हुए सरकार ने वायुसेना से मदद मांगी है।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से 02 एमआई हेलीकॉप्टर तथा 01 चिनूक हेलीकॉप्टर के लिए वायु सेना को अनुरोध पत्र भेज दिया है। यूकाडा के 02 हेलीकॉप्टर भी राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजे जाने हेतु तैयार हैं। मौसम अनुकूल होने पर वायु सहायता पहुंचाई जाएगी। सड़कों को खोलने के लिए सभी आवश्यक संसाधन भेजे गए हैं। जहां-जहां भी सड़क मार्ग बाधित हैं, उन्हें जल्द से जल्द खोलने के निर्देश राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से दिए गए हैं।

बादल फटने से उत्तरकाशी के तहसील भटवाड़ी, थाना हर्षिल के अंतर्गत खीर गाढ़ में अपराह्न लगभग 1.50 बजे अत्यधिक जलस्तर बढ़ने से धराली बाजार क्षेत्र में भारी मलबा आने के कारण कई भवनों, होटल एवं दुकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, सेना तथा स्थानीय प्रशासन/पुलिस व अन्य बचाव दलों द्वारा राहत और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं।  उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से घटनास्थल 75 किलोमीटर दूर है। निकटतम चिकित्सालय 05 किमी, जिला चिकित्सालय 88 किमी तथा एम्स देहरादून 246 किमी दूर है।

निकटवर्ती राजकीय चिकित्सालयों व एम्स, देहरादून में भी बेड आरक्षित कर दिये गये हैं एवं पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस को क्रियाशील किया गया है। खतरे को देखते हुए स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है।
प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु ने प्रधानमंत्री कार्यालय तथा गृह मंत्रालय को घटना के संबंध में जानकारी दे दी है। श्री आरके सुधांशु ने बताया कि केंद्र सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव मद्द का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगणों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादू, एसईओसी को घटना की सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ;डीईओसी तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित राहत और बचाव कार्य संचालित किए गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी मुख्य सचिव श्री आरके सुधांशु, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पांडे, एडीजी श्री एपी अंशुमान तथा आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, आईजी एसडीआरएफ श्री अरुण मोहन जोशी के साथ ही अन्य अधिकारियों ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। सभी अधिकारीगण वर्तमान में एसईओसी में उपस्थित हैं और लगातार राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारीगणों ने धराली के आसपास अस्पतालों, हेलीपैड, राहत शिविरों तथा आर्मी, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की जानकारी लेते हुए आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त राहत और बचाव दलों को रवाना किया। इस दौरान जिलाधिकारी उत्तरकाशी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी ली। बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग को जल्द मार्गों को खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं।
हर्षिल पीएचसी, भटवाड़ी पीएचसी, जिला अस्पताल उत्तरकाशी में घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। एम्स ऋषिकेश और दून अस्पताल में भी अतिरिक्त बेड रिजर्व कर दिए गए हैं। एनडीआरएफ के 50 जवान दिल्ली से भेजे गए हैं। 15 जवान देहरादून से रवाना किए गए हैं। एसडीआरएफ के 30 जवान गंगोत्री से रवान किए गए हैं, जबकि 45 जवान देहरादून से भेजे गए हैं। आईटीबीपी के 30 जवानों को राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजा गया है।

मार्ग बाधित होने तथा मौसम खराब होने के कारण राहत और बचाव दलों को घटनास्थल पर पहुंचने में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्गों को खोलने की कार्यवाही गतिमान है। मौसम के अनुकूल होते ही, राहत और बचाव दल हवाई तथा सड़क मार्ग से घटनास्थल पर पहुंच जाएंगे।

वहीं दूसरी ओर एसडीआरएफ ने घटनास्थल के लिए विक्टिम लोकेशन कैमरा, थर्मल इमेजिंग कैमरा, आरआर शॉ, डायमंड चेन शॉ, कर्बाइड टिप्ड चेन शॉ, चिपिंग हैमर, ड्रोन, पैलिकन लाइट, ड्रैगन लाइट, मेडिकल संसाधन रवाना कर दिए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जिलाधिकारी तथा एसएसपी के साथ लगातार सम्पर्क बना हुआ है।

 

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Web Editor August 5, 2025
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