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Reading: हरिद्वार में गंगा का जल स्नान के लिए सुरक्षित
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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > हरिद्वार में गंगा का जल स्नान के लिए सुरक्षित
उत्तराखंड

हरिद्वार में गंगा का जल स्नान के लिए सुरक्षित

Web Editor
Last updated: 2026/03/25 at 2:16 AM
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Ganga Water in Haridwar Safe for Bathing but Not for Drinking: CPCB Report

हरिद्वार, 25 March 2026। नमामि गंगे मिशन के चलते गंगा के जल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार में गंगा का पानी अब स्नान के लिए सुरक्षित श्रेणी में आ गया है, हालांकि इसे सीधे पीना अभी भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में हरकी पैड़ी क्षेत्र में फीकल कोलीफॉर्म का स्तर 135 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर दर्ज किया गया, जबकि आसपास के इलाकों में यह आंकड़ा 140 एमपीएन/100 मिलीलीटर रहा। ये स्तर निर्धारित मानकों के भीतर हैं, जिससे यह पानी स्नान के लिए उपयुक्त माना गया है। साथ ही, अन्य तटीय शहरों की तुलना में हरिद्वार की स्थिति बेहतर बताई गई है।
मानकों के अनुसार, 500 एमपीएन/100 मिलीलीटर तक फीकल कोलीफॉर्म होने पर पानी स्नान योग्य माना जाता है, लेकिन पीने के लिए यह मात्रा लगभग शून्य होनी चाहिए। ऐसे में बिना शुद्धिकरण के गंगा जल का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में चल रहे सफाई अभियान, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और प्रशासन की सतत निगरानी से जल गुणवत्ता में सुधार संभव हुआ है। हालांकि गंगा को पूरी तरह निर्मल बनाने के लिए लगातार प्रयासों की जरूरत बनी हुई है।
क्या है फीकल कोलीफॉर्म?
फीकल कोलीफॉर्म ऐसे सूक्ष्म जीवाणु होते हैं, जो मानव और पशुओं के मल से पानी में पहुंचते हैं। इनकी अधिकता जल को प्रदूषित कर देती है और इससे पाचन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जल की गुणवत्ता का आकलन करने में इनकी मात्रा अहम संकेतक मानी जाती है।

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TAGGED: CPCB report reveals improved Ganga water quality in Haridwar, it is still not fit for drinking without proper treatment., making it safe for bathing. However
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