By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: हरिद्वार में गंगा का जल स्नान के लिए सुरक्षित
Share
Notification Show More
Latest News
टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 
उत्तराखंड
पुणे में सामने आया एक और ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा मामला, मंगेतर को खाई में दिया धक्का
उत्तराखंड
उत्तराखंड में कोचिंग सेंटरों से लेकर अस्पतालों तक होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश
उत्तराखंड
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 18 छात्र जिंदा जले 
देश-विदेश
राष्ट्र चेतना के संवाहक हैं संत, सनातन संस्कृति के संरक्षण में भूमिका अतुलनीय: धामी
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > हरिद्वार में गंगा का जल स्नान के लिए सुरक्षित
उत्तराखंड

हरिद्वार में गंगा का जल स्नान के लिए सुरक्षित

Web Editor
Last updated: 2026/03/25 at 2:16 AM
Web Editor
Share
2 Min Read
SHARE

Ganga Water in Haridwar Safe for Bathing but Not for Drinking: CPCB Report

हरिद्वार, 25 March 2026। नमामि गंगे मिशन के चलते गंगा के जल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार में गंगा का पानी अब स्नान के लिए सुरक्षित श्रेणी में आ गया है, हालांकि इसे सीधे पीना अभी भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में हरकी पैड़ी क्षेत्र में फीकल कोलीफॉर्म का स्तर 135 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर दर्ज किया गया, जबकि आसपास के इलाकों में यह आंकड़ा 140 एमपीएन/100 मिलीलीटर रहा। ये स्तर निर्धारित मानकों के भीतर हैं, जिससे यह पानी स्नान के लिए उपयुक्त माना गया है। साथ ही, अन्य तटीय शहरों की तुलना में हरिद्वार की स्थिति बेहतर बताई गई है।
मानकों के अनुसार, 500 एमपीएन/100 मिलीलीटर तक फीकल कोलीफॉर्म होने पर पानी स्नान योग्य माना जाता है, लेकिन पीने के लिए यह मात्रा लगभग शून्य होनी चाहिए। ऐसे में बिना शुद्धिकरण के गंगा जल का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में चल रहे सफाई अभियान, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और प्रशासन की सतत निगरानी से जल गुणवत्ता में सुधार संभव हुआ है। हालांकि गंगा को पूरी तरह निर्मल बनाने के लिए लगातार प्रयासों की जरूरत बनी हुई है।
क्या है फीकल कोलीफॉर्म?
फीकल कोलीफॉर्म ऐसे सूक्ष्म जीवाणु होते हैं, जो मानव और पशुओं के मल से पानी में पहुंचते हैं। इनकी अधिकता जल को प्रदूषित कर देती है और इससे पाचन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जल की गुणवत्ता का आकलन करने में इनकी मात्रा अहम संकेतक मानी जाती है।

You Might Also Like

टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 

पुणे में सामने आया एक और ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा मामला, मंगेतर को खाई में दिया धक्का

उत्तराखंड में कोचिंग सेंटरों से लेकर अस्पतालों तक होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश

राष्ट्र चेतना के संवाहक हैं संत, सनातन संस्कृति के संरक्षण में भूमिका अतुलनीय: धामी

एसजीआरआरआईएमएचएस में आयोजित हुई 6वीं पीडी-टेम कार्यशाला, बाल किडनी आपात चिकित्सा सेवाओं को सशक्त बनाने पर जोर

TAGGED: CPCB report reveals improved Ganga water quality in Haridwar, it is still not fit for drinking without proper treatment., making it safe for bathing. However
Web Editor March 25, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article छात्र गुटों की हिंसक झड़प में युवक की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार
Next Article चार धाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष फोकस
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 
उत्तराखंड June 23, 2026
पुणे में सामने आया एक और ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा मामला, मंगेतर को खाई में दिया धक्का
उत्तराखंड June 23, 2026
उत्तराखंड में कोचिंग सेंटरों से लेकर अस्पतालों तक होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश
उत्तराखंड June 23, 2026
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 18 छात्र जिंदा जले 
देश-विदेश June 22, 2026

Recent Posts

  • टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 
  • पुणे में सामने आया एक और ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा मामला, मंगेतर को खाई में दिया धक्का
  • उत्तराखंड में कोचिंग सेंटरों से लेकर अस्पतालों तक होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश
  • लखनऊ के कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 18 छात्र जिंदा जले 
  • राष्ट्र चेतना के संवाहक हैं संत, सनातन संस्कृति के संरक्षण में भूमिका अतुलनीय: धामी

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,282)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,144)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,637)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,564)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,398)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?