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बेलकेदार और श्यामलताल बनेंगे स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन, पहाड़ में नई आर्थिक दिशा

Web Editor
Last updated: 2026/03/30 at 3:04 AM
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3 Min Read
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Spiritual Economic Zone in Uttarakhand: Belkedar & Shyamtal Selected

देहरादून, 30 March 2026 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को स्प्रिचुअल इकोनॉमिक हब के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। राज्य सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम बढ़ाते हुए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में दो प्रमुख स्थलों का चयन कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि टिहरी जिले में बेलकेदार-अंजनीसैंण और चंपावत जिले में लोहाघाट-श्यामताल को स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
सरकार की योजना इन क्षेत्रों को केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित न रखते हुए समग्र आध्यात्मिक और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की है। इसके तहत योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और धार्मिक अनुष्ठानों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को भी इस मॉडल से जोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्रीय पहचान को मजबूती मिलेगी।
इन जोनों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया संबल मिलने की उम्मीद है। सरकार का फोकस स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कृषि उत्पादों और क्षेत्रीय व्यंजनों को बाजार से जोड़ने पर है। इससे ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या को भी कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान इस योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के प्रयास सफल रहे हैं। पहले जहां सर्दियों में तीर्थस्थलों पर गतिविधियां सीमित हो जाती थीं, वहीं अब श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे होटल उद्योग, परिवहन सेवाओं और स्थानीय कारोबार को सीधा लाभ मिल रहा है।
इसके साथ ही राज्य सरकार साहसिक पर्यटन को भी समानांतर रूप से विकसित कर रही है। रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, कयाकिंग और ट्रैकिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर युवाओं और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। इससे पर्यटन का दायरा केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित न रहकर व्यापक रूप ले रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन की यह अवधारणा उत्तराखंड के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे राज्य की पहचान एक बहुआयामी पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होगी, जहां आध्यात्मिकता और अर्थव्यवस्था का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।

 

आदि कैलाश यात्रा में जबरदस्त उछाल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार आदि कैलाश यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 में जहां 1761 यात्री पहुंचे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 36,453 हो गई, जो लगभग 20 गुना वृद्धि है। बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने हेली सेवा भी शुरू की है, जिससे यात्रा अधिक सुगम और आकर्षक बन गई है।

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TAGGED: local economy, Uttarakhand government selects Belkedar in Tehri and Shyamtal in Champawat for Spiritual Economic Zones to boost tourism, yoga and wellness activities.
Web Editor March 30, 2026
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