Bear Attack in Tehri Injures Forester and Two Others, Villagers Protest Inaction
टिहरी, 3 April 2026। जनपद टिहरी के चंबा क्षेत्र में एक बार फिर जंगली भालू का आतंक सामने आया है। चंबा-धरासू मोटर मार्ग पर सुल्याधार के पास थापली तोक में हुए हमले में फारेस्टर सहित तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में भालू की लगातार बढ़ती गतिविधियों की शिकायत मिल रही थी। इसी के मद्देनजर ग्राम प्रधान बेरगणी युद्धवीर सिंह रावत, फारेस्टर अजयपाल पंवार और स्थानीय निवासी विनोद सिंह रावत मौके का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
अचानक हुए इस हमले से तीनों संभल नहीं पाए, लेकिन उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए भालू का सामना किया और काफी मशक्कत के बाद उसे खदेड़ने में कामयाब रहे। हालांकि, इस दौरान तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। भालू के नाखूनों से उनके शरीर पर गहरे जख्म बने हैं।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को कंधों और कंडी के सहारे सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले इसी इलाके में एक महिला पर भी भालू ने हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुई थी और उसका इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में चल रहा है। इसके बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिससे लोगों में नाराजगी है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान ऋषि राम भट्ट ने आरोप लगाया कि भालू की मौजूदगी की सूचना पहले ही वन विभाग को दे दी गई थी, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने पुनीत तोमर पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया।
जिला पंचायत सदस्य शीशपाल सिंह राणा, भाजपा नेता भगवान सिंह राणा, राजेंद्र सिंह नेगी और दिनेश भंडारी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने घटना पर चिंता जताते हुए वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भालू के आतंक पर काबू पाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।




