Chardham Yatra 2026: Uttarakhand May Get Extra Commercial Gas Quota
देहरादून, 07 April 2026 । आगामी चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच आशंका जताई जा रही थी कि यात्रा सीजन में व्यावसायिक गैस की भारी कमी हो सकती है, लेकिन अब हालात सुधरने के संकेत मिल रहे हैं। केंद्र सरकार राज्य को अतिरिक्त गैस कोटा देने पर विचार कर रही है और इस संबंध में जल्द निर्णय लिया जा सकता है।
राज्य सरकार पहले ही केंद्र को प्रस्ताव भेज चुकी है, जिसमें चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ने वाली गैस मांग को देखते हुए अतिरिक्त आपूर्ति की आवश्यकता जताई गई है। हर वर्ष यात्रा सीजन में लाखों श्रद्धालु प्रदेश पहुंचते हैं, जिससे होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट्स में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की खपत कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में आपूर्ति का संतुलन बनाए रखना सरकार के लिए चुनौती बन जाता है।
इंडियन ऑयल के डिवीजनल रिटेल सेल्स हेड कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि मांग को ध्यान में रखते हुए व्यावसायिक सिलेंडरों के कोटे में पहले ही बड़ा इजाफा किया गया है। पहले जहां यह कोटा 20 प्रतिशत था, उसे बढ़ाकर अब 70 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम यात्रा सीजन में संभावित दबाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य में व्यावसायिक गैस कनेक्शनों के मुकाबले औसतन 65 प्रतिशत मांग रहती है, जबकि मौजूदा आपूर्ति लगभग 55 प्रतिशत तक ही सीमित है। ऐसे में यदि पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होती है, तो मांग और बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी हैं।
पीएनजी को बढ़ावा, नियमों में ढील
सरकार वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को भी बढ़ावा दे रही है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 36 हजार उपभोक्ता पीएनजी से जुड़े हैं। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जैसे शहरों में इसका वितरण हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार पीएनजी कनेक्शन लेने के नियमों को सरल बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता इससे जुड़ सकें।
कालाबाजारी पर सख्ती
गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। पश्चिम एशिया संकट के बाद से राज्य में 568 औचक निरीक्षण और 301 छापेमारी की गई हैं। इस दौरान 16 एफआईआर दर्ज की गईं और सात लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। सरकार का कहना है कि यात्रा सीजन में किसी भी तरह की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




