देहरादून, 08 April 2026। राजधानी देहरादून में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत करने के उद्देश्य से 12 अप्रैल को बिखौती मेले का भव्य आयोजन किया जाएगा। पूजा विहार, सेवलाकलां में आयोजित इस मेले में 500 से अधिक महिलाएं पारंपरिक परिधानों में थड़िया और चौफला नृत्य प्रस्तुत करेंगी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा।
मेले का आयोजन नन्दा सुनन्दा कीर्तन मण्डली एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति की अध्यक्ष पूनम ममगाईं ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह मेला उत्तराखंड की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के बीच अपनी जड़ों से जुड़े रहना बेहद जरूरी है, और यही उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से पूरा किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 2 बजे प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और क्षेत्रीय विधायक विनोद चमोली के शामिल होने की संभावना है। मेले में देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों से 50 से अधिक कीर्तन मण्डलियों की महिलाएं एकरूप पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य प्रस्तुत करेंगी। इसके अलावा 20 लोक गायक-गायिकाएं और दो दर्जन से अधिक लोक वादक भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे।
पूनम ममगाईं ने बताया कि महानगरों में रह रही महिलाओं के भीतर अपनी लोक संस्कृति के प्रति गहरा लगाव है और वे इसे जीवित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों को बचाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है, क्योंकि यही हमारी पहचान और अस्तित्व का आधार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार रीढ़ के बिना शरीर का कोई अस्तित्व नहीं होता, उसी प्रकार लोक संस्कृति के बिना समाज की पहचान अधूरी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता के दौरान गीता ध्यानी, विमला अधिकारी और अनुज वालिया सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।




