Children Learn Tree Importance Through Storytelling by Rajesh Pandey in Dehradun

प्रकृति की अद्भुत रचना पेड़ के महत्व पर स्कूली बच्चों के साथ रोचक संवाद
साहसी नन्हा पौधा कहानी ने बच्चों को सिखाया एकता की शक्ति का मंत्र
देहरादून, 10 अप्रैल, 2026ः देहरादून के परेडग्राउंड में नेशनल बुक ट्रस्ट के पुस्तक महोत्सव में गुरुवार को स्कूली बच्चों ने पत्रकार राजेश पांडेय से कहानियां सुनीं और संवाद किया। यह संवाद पर्यावरण सुरक्षा एवं मानवता पर केंद्रित रहा। कहानी पेड़ घूमने क्यों नहीं जाता, पर कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के साथ संवाद काफी रोचक और ज्ञानवर्धक रहा।
पुस्तक मेला परिसर में बच्चों के लिए विशेष रूप से बनाए पंडाल में सुबह दस बजे से स्टोरी टेलिंग सेशन शुरू हुआ। करीब 40 मिनट के इस सेशन में, कहानी पेड़ घूमने क्यो नहीं जाता, को संवाद के माध्यम से आगे बढ़ाया गया। कल्पना की गई कि पेड़ बच्चों के साथ बातें करने, उनके मुलाकात करने के लिए परेड ग्राउंड के बाहर खड़ा है। वो बहुत दूर से चलकर बच्चों से मिलने आया है। बच्चों ने इस बात पर आश्चर्य जताया और कहा कि पेड़ नहीं चलता, क्योंकि उसकी जड़ें होती हैं, उसके पैर नहीं होते और वो मिट्टी से जकड़ा रहता है। बच्चों ने सत्र में कहानी के माध्यम से पेड़ों के सजीव होने, उनके द्वारा भोजन बनाने, प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया पर बात की।
कहानी को आगे बढ़ाते हुए बच्चों से एक और सवाल पूछा जाता है, अगर पेड़ घूमने जाता तो क्या करते। बच्चों ने कहा, हम उस पर बैठकर स्कूल आते। लोग उससे डरकर सड़क खाली कर देते। संवाद के दौरान बच्चों में बहुत उत्साह देखा गया।
अंत में, पेड़ हमें क्या देता है, पर बहुत बच्चों ने जवाब दिए। सभी बच्चे विज्ञान और प्रकृति में रूचि और जिज्ञासा वाले थे। सभी बच्चे जवाब देने और प्रश्न पूछने के लिए उत्सुक दिखे। कहानी इस निष्कर्ष पर पहुंची कि अगर पेड़ घूमने जाता तो हमें ऑक्सीजन कौन देता, छाया, आसरा, फल फूल कौन देता। पेड़ हमारे लिए, हम सभी इंसानों, जीवों के लिए एक जगह पर खड़ा है। पेड़ परोपकार कर रहा है, उसके लिए हमारी भी कुछ जिम्मेदारी बनती है।
इसके बाद राजेश पांडेय ने बच्चों को साहसी नन्हा पौधा कहानी सुनाई,जो किसी संघर्ष पर एकता के बल पर जीत का मंत्र बताती है।




