Dehradun, 29 May 2026। उत्तराखंड तेजी से हरित ऊर्जा राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक मात्र दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेंट एंड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे दौर में सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के तहत उत्तराखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और राज्य अब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने का जो प्रारंभिक लक्ष्य तय किया था, उसे निर्धारित समय से पहले ही प्राप्त कर लिया गया। साथ ही लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड करीब 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल रहा है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दो वर्षों में सौर ऊर्जा क्षमता में हुई लगभग 10 गुना वृद्धि यह दिखाती है कि उत्तराखंड अब स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
उन्होंने यूपीसीएल, ऊरेडा, पिटकुल और अभियान से जुड़े सभी विभागों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता टीम उत्तराखंड की सामूहिक प्रतिबद्धता का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “सौर कौथिग”, जनजागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने लोगों के बीच सौर ऊर्जा को लेकर सकारात्मक माहौल तैयार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र लगाना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का भागीदार बनाना है। सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से लोगों के बिजली बिल में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य मिलेगा।
कार्यक्रम में विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, CEEW के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट और यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जी.एस. बुदियाल मौजूद रहे।
दो वर्षों में उत्तराखंड की सौर ऊर्जा क्षमता में 10 गुना वृद्धि, हरित ऊर्जा मॉडल बनने की ओर बढ़ा राज्य
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