By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: देवदूत बना चालक: अपनी जान देकर बचाईं 34 जिंदगियां
Share
Notification Show More
Latest News
टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 
उत्तराखंड
पुणे में सामने आया एक और ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा मामला, मंगेतर को खाई में दिया धक्का
उत्तराखंड
उत्तराखंड में कोचिंग सेंटरों से लेकर अस्पतालों तक होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश
उत्तराखंड
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 18 छात्र जिंदा जले 
देश-विदेश
राष्ट्र चेतना के संवाहक हैं संत, सनातन संस्कृति के संरक्षण में भूमिका अतुलनीय: धामी
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > देवदूत बना चालक: अपनी जान देकर बचाईं 34 जिंदगियां
उत्तराखंड

देवदूत बना चालक: अपनी जान देकर बचाईं 34 जिंदगियां

Web Editor
Last updated: 2026/06/03 at 3:21 PM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

Lohaghaat,03 June 2026। कभी-कभी कर्तव्य की राह में ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं, जो किसी को नायक बना देते हैं। चंपावत जिले के लोहाघाट में बुधवार सुबह ऐसा ही एक मार्मिक और साहसिक दृश्य देखने को मिला, जब उत्तराखंड परिवहन निगम के चालक बेनीराम थ्वाल ने अपनी जान की कीमत पर 34 यात्रियों की जिंदगी बचा ली। ब्रेक फेल होने के बाद अनियंत्रित हुई रोडवेज बस को उन्होंने खाई में गिरने से बचाने के लिए पहाड़ से टकरा दिया। इस प्रयास में उनकी दर्दनाक मौत हो गई, लेकिन बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
जानकारी के अनुसार, टनकपुर डिपो की रोडवेज बस बुधवार सुबह धारचूला से टनकपुर की ओर जा रही थी। बस में लगभग 34 यात्री सवार थे। जब बस लोहाघाट के रायकोट महर क्षेत्र स्थित बकरियां मंदिर के पास पहुंची, तभी अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। पहाड़ी मार्ग पर बस के अनियंत्रित होते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। सामने गहरी खाई थी और बस तेजी से नीचे की ओर बढ़ रही थी।
ऐसे संकटपूर्ण क्षण में चालक बेनीराम थ्वाल ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने बस को खाई की ओर जाने से रोकने के लिए स्टीयरिंग मोड़कर वाहन को पहाड़ की तरफ टकरा दिया। यह फैसला कुछ ही सेकंड में लिया गया, लेकिन इसी निर्णय ने 34 परिवारों के चिराग बुझने से बचा लिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस पहाड़ से टकराते ही चालक की ओर का दरवाजा अचानक खुल गया। जोरदार झटके के कारण बेनीराम वाहन से बाहर सड़क पर गिर पड़े। दुर्भाग्यवश, उसी दौरान बस का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक महिला यात्री घायल हुई, जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गया। जेसीबी की मदद से क्षतिग्रस्त बस को सड़क किनारे हटाया गया और यातायात सुचारु कराया गया। पुलिस ने चालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण ब्रेक फेल होना माना जा रहा है, हालांकि तकनीकी विशेषज्ञों को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने बेनीराम थ्वाल को “देवदूत चालक” बताते हुए उनके साहस को सलाम किया। लोगों का कहना है कि यदि चालक ने अंतिम क्षणों में यह निर्णय नहीं लिया होता, तो बस सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर सकती थी और बड़ा जनहानि हादसा हो सकता था।
वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में संचालित रोडवेज बसों की फिटनेस और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने परिवहन निगम से वाहनों की नियमित तकनीकी जांच सुनिश्चित करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बेनीराम थ्वाल की शहादत ने जहां 34 जिंदगियों को नया जीवन दिया, वहीं उनके बलिदान ने कर्तव्यनिष्ठा और साहस की एक अमिट मिसाल भी कायम कर दी।

You Might Also Like

टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 

पुणे में सामने आया एक और ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा मामला, मंगेतर को खाई में दिया धक्का

उत्तराखंड में कोचिंग सेंटरों से लेकर अस्पतालों तक होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश

राष्ट्र चेतना के संवाहक हैं संत, सनातन संस्कृति के संरक्षण में भूमिका अतुलनीय: धामी

एसजीआरआरआईएमएचएस में आयोजित हुई 6वीं पीडी-टेम कार्यशाला, बाल किडनी आपात चिकित्सा सेवाओं को सशक्त बनाने पर जोर

TAGGED: Devdoot Driver Beniram Thwal Sacrifices Life to Save 34 Passengers in Lohaghat Bus Accident
Web Editor June 3, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article टिफिन पहुंचाने वाली मीनाक्षी बनीं डिप्टी कलेक्टर 
Next Article मोदी मॉडल से बदल रही शहरों की तस्वीर: धामी
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 
उत्तराखंड June 23, 2026
पुणे में सामने आया एक और ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा मामला, मंगेतर को खाई में दिया धक्का
उत्तराखंड June 23, 2026
उत्तराखंड में कोचिंग सेंटरों से लेकर अस्पतालों तक होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश
उत्तराखंड June 23, 2026
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 18 छात्र जिंदा जले 
देश-विदेश June 22, 2026

Recent Posts

  • टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 
  • पुणे में सामने आया एक और ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा मामला, मंगेतर को खाई में दिया धक्का
  • उत्तराखंड में कोचिंग सेंटरों से लेकर अस्पतालों तक होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश
  • लखनऊ के कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 18 छात्र जिंदा जले 
  • राष्ट्र चेतना के संवाहक हैं संत, सनातन संस्कृति के संरक्षण में भूमिका अतुलनीय: धामी

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,282)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,145)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,637)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,565)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,398)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?