Dehradun, 03 june 2026। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की प्राथमिकता वाली आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। राजधानी देहरादून की व्यापारिक तस्वीर बदलने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने कमर कस ली है। बुधवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सभी संबंधित विभागों को जून 2026 तक लंबित कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
एमडीडीए सभागार में हुई बैठक में परियोजना की प्रगति, रजिस्ट्री प्रक्रिया, निर्माण कार्यों और आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण की विस्तृत समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि देहरादून के शहरी विकास और व्यापारिक ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं, जबकि कुछ मामले अभी लंबित हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि शेष मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए प्रत्येक बुधवार और शनिवार को विशेष व्यवस्था की जाएगी, जिससे प्रभावित परिवारों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
परियोजना के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए कि सभी शेष कार्य जून माह तक पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए नियमित स्थलीय निरीक्षण और प्रगति रिपोर्ट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा की स्थिति में तत्काल समाधान निकालने के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा बैठक में वर्तमान आढ़त बाजार क्षेत्र में मौजूद विद्युत लाइनों और अन्य आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शासन स्तर से स्वीकृत लगभग 18 करोड़ रुपये की धनराशि लोक निर्माण विभाग को शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक तकनीकी कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। एमडीडीए का मानना है कि इन कार्यों के पूर्ण होने के बाद परियोजना का अगला चरण और तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
बैठक के दौरान उन मामलों पर भी चर्चा हुई, जिनमें प्रभावित व्यक्तियों ने प्रतिकर राशि प्राप्त करने के बावजूद अब तक अपने निर्माण नहीं हटाए हैं। इस पर बंशीधर तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे मामलों का वह स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यकता पड़ने पर बलपूर्वक ध्वस्तीकरण भी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक हित की इस परियोजना में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना के पूर्ण होने के बाद देहरादून को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त व्यापारिक केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी। इससे व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और राजधानी के समग्र शहरी विकास को नई गति मिलेगी। एमडीडीए अधिकारियों का कहना है कि नियमित मॉनिटरिंग और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए परियोजना को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि परियोजना से जुड़े सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर राजधानी को एक आधुनिक और व्यवस्थित व्यापारिक अवसंरचना उपलब्ध कराई जाएगी।




