By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: 15 किलो वजनी विशाल ट्यूमर बना जान का खतरा, डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर लौटाई नई ज़िंदगी
Share
Notification Show More
Latest News
देश मे साइबर कुश्ती’ का दंगल 15 सितंबर से 
उत्तराखंड देश-विदेश
उत्तराखंड में अस्पतालों का होगा डिजिटल कायाकल्प
उत्तराखंड
मलबे के नीचे छिपा है कोई सुराग,  रडार से तमक नाले में तलाश
उत्तराखंड
पीपलकोटी टनल में 117 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 
उत्तराखंड
तीन लाख पार लखपति दीदियां, पहाड़ में महिलाओं ने बदली कमाई की तस्वीर
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > 15 किलो वजनी विशाल ट्यूमर बना जान का खतरा, डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर लौटाई नई ज़िंदगी
उत्तराखंड

15 किलो वजनी विशाल ट्यूमर बना जान का खतरा, डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर लौटाई नई ज़िंदगी

Web Editor
Last updated: 2026/06/27 at 8:37 AM
Web Editor
Share
2 Min Read
SHARE

Dehradun, 27 June 2026। कई महीनों से लगातार बढ़ते पेट को सामान्य समस्या समझ रही 51 वर्षीय महिला के लिए यह परेशानी जानलेवा साबित हो सकती थी। जांच में खुलासा हुआ कि उनके अंडाशय (ओवेरियन) में 15 किलो वजनी विशाल ट्यूमर विकसित हो चुका था। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कैंसर सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों ने चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन कर पूरे ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया, जिससे महिला को नई ज़िंदगी मिल गई।
महिला लंबे समय से पेट में भारीपन, असहजता और लगातार बढ़ते पेट की समस्या से जूझ रही थीं। विस्तृत जांच के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी का निर्णय लिया। प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने सफल ऑपरेशन कर ट्यूमर को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल मरीज तेजी से स्वस्थ हो रही हैं।
डॉ. गर्ग ने बताया कि इतने बड़े ओवेरियन ट्यूमर की सर्जरी बेहद जटिल होती है। उन्होंने चिंता जताई कि वर्ष 2026 में भी कई महिलाएं जागरूकता की कमी और समय पर जांच न कराने के कारण गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंच रही हैं।
उन्होंने महिलाओं से अपील की कि यदि पेट लगातार बढ़ रहा हो, पेट फूलता हो, दर्द बना रहता हो, जल्दी पेट भर जाता हो या बार-बार पेशाब आने जैसी शिकायत हो तो इसे सामान्य न समझें। समय रहते जांच और उपचार कराने से गंभीर बीमारियों का समय पर इलाज संभव है और जीवन बचाया जा सकता है।

You Might Also Like

देश मे साइबर कुश्ती’ का दंगल 15 सितंबर से 

उत्तराखंड में अस्पतालों का होगा डिजिटल कायाकल्प

मलबे के नीचे छिपा है कोई सुराग,  रडार से तमक नाले में तलाश

पीपलकोटी टनल में 117 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 

तीन लाख पार लखपति दीदियां, पहाड़ में महिलाओं ने बदली कमाई की तस्वीर

TAGGED: 15 Kg Ovarian Tumor Removed Successfully at Dehradun Hospital, Woman Gets New Life
Web Editor June 27, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article पर्वतीय कृषि की चुनौतियों का समाधान नवाचार से होगा: धामी
Next Article उत्तराखंड में छह माह में 33 बार कांपी धरती, अप्रैल में सबसे ज्यादा महसूस हुए झटके
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

देश मे साइबर कुश्ती’ का दंगल 15 सितंबर से 
उत्तराखंड देश-विदेश August 20, 2026
उत्तराखंड में अस्पतालों का होगा डिजिटल कायाकल्प
उत्तराखंड August 19, 2026
मलबे के नीचे छिपा है कोई सुराग,  रडार से तमक नाले में तलाश
उत्तराखंड August 19, 2026
पीपलकोटी टनल में 117 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 
उत्तराखंड August 19, 2026

Recent Posts

  • देश मे साइबर कुश्ती’ का दंगल 15 सितंबर से 
  • उत्तराखंड में अस्पतालों का होगा डिजिटल कायाकल्प
  • मलबे के नीचे छिपा है कोई सुराग,  रडार से तमक नाले में तलाश
  • पीपलकोटी टनल में 117 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 
  • तीन लाख पार लखपति दीदियां, पहाड़ में महिलाओं ने बदली कमाई की तस्वीर

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (7,023)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,886)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (5,385)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (5,283)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (5,083)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?