By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: पीपलकोटी टनल में 117 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 
Share
Notification Show More
Latest News
नानकमत्ता में सीएम धामी ने किया श्रमदान, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
उत्तराखंड
दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव के लिए बनेंगे बर्थ वेटिंग होम
उत्तराखंड
पहाड़ के 2000 कुक्कुट पालकों को फीड पर मिलेगी सब्सिडी दो करोड़ रुपये की सहायता डीबीटी से सीधे खातों में पहुंचेगी
उत्तराखंड
गंगोत्री से डायमंड हार्बर तक गंगा किनारे मिले 747 पादप टैक्सा
उत्तराखंड
पहली बार सर्दियों में भी खुलेगी नेलांग घाटी, एक दिसंबर से पर्यटकों को मिलेगा प्रवेश
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > पीपलकोटी टनल में 117 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 
उत्तराखंड

पीपलकोटी टनल में 117 घंटे चला रेस्क्यू अभियान 

Web Editor
Last updated: 2026/08/19 at 5:11 AM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

 

Dehradun, 19 August 2026। पीपलकोटी के हाट-सियासैण, मायापुर में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को पानी रिसने और भूस्खलन के बाद शुरू हुआ लगभग 117 घंटे लंबा रेस्क्यू अभियान मंगलवार को पूरा हो गया। करीब पांच दिन तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान में रेस्क्यू टीमों ने टनल में फंसे और लापता सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाल लिया। हादसे में 12 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकाला गया, जबकि 10 श्रमिकों की मौत हो गई।

हादसे के बाद शुरुआती सूचना में करीब 22 श्रमिकों के टनल में फंसे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद जिला प्रशासन की निगरानी में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, टीएचडीसी समेत विभिन्न एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। टनल के भीतर पानी और मलबा रेस्क्यू अभियान की सबसे बड़ी चुनौती बना रहा।

अभियान के दौरान पानी की निकासी, मलबा हटाने और संभावित स्थानों पर सघन सर्च के साथ फंसी मशीनरी को भी बाहर निकालने का काम चलता रहा। सक्शन पंप समेत आधुनिक उपकरणों की मदद से टनल में जमा पानी निकालकर रेस्क्यू टीमों ने अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच बनाई। कठिन परिस्थितियों में भी टीमें लगातार दिन-रात अभियान में जुटी रहीं।

रेस्क्यू के शुरुआती चरण में 19 श्रमिकों को बाहर निकाला गया, जिनमें 12 घायल और सात मृत श्रमिक शामिल थे। इसके बाद सर्च अभियान जारी रहा। 17 अगस्त को एक और श्रमिक को बाहर निकाला गया, जबकि 18 अगस्त को अभियान के अंतिम दिन दो और श्रमिकों के शव बरामद किए गए। इसके साथ ही टनल में फंसे और लापता सभी प्रभावित श्रमिकों की तलाश पूरी कर ली गई।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने पूरे अभियान की लगातार निगरानी की और विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखा। बाहर निकाले गए घायल श्रमिकों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। करीब 117 घंटे तक चले इस अभियान में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, पानी और मलबे के बीच रेस्क्यू टीमों की लगातार कोशिशों के बाद अभियान को पूर्ण किया गया।

रेस्क्यू अभियान में आईटीबीपी जोशीमठ व गौचर, सेना जोशीमठ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और टीएचडीसी की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशासन के अनुसार सभी प्रभावित श्रमिकों को टनल से बाहर निकालने के साथ अभियान अब समाप्त कर दिया गया है।

You Might Also Like

नानकमत्ता में सीएम धामी ने किया श्रमदान, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव के लिए बनेंगे बर्थ वेटिंग होम

पहाड़ के 2000 कुक्कुट पालकों को फीड पर मिलेगी सब्सिडी दो करोड़ रुपये की सहायता डीबीटी से सीधे खातों में पहुंचेगी

गंगोत्री से डायमंड हार्बर तक गंगा किनारे मिले 747 पादप टैक्सा

पहली बार सर्दियों में भी खुलेगी नेलांग घाटी, एक दिसंबर से पर्यटकों को मिलेगा प्रवेश

TAGGED: Pipalkoti Tunnel Rescue: 117 Hours Operation Ends
Web Editor August 19, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article तीन लाख पार लखपति दीदियां, पहाड़ में महिलाओं ने बदली कमाई की तस्वीर
Next Article मलबे के नीचे छिपा है कोई सुराग,  रडार से तमक नाले में तलाश
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

नानकमत्ता में सीएम धामी ने किया श्रमदान, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
उत्तराखंड October 5, 2026
दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव के लिए बनेंगे बर्थ वेटिंग होम
उत्तराखंड October 5, 2026
पहाड़ के 2000 कुक्कुट पालकों को फीड पर मिलेगी सब्सिडी दो करोड़ रुपये की सहायता डीबीटी से सीधे खातों में पहुंचेगी
उत्तराखंड October 5, 2026
गंगोत्री से डायमंड हार्बर तक गंगा किनारे मिले 747 पादप टैक्सा
उत्तराखंड October 4, 2026

Recent Posts

  • नानकमत्ता में सीएम धामी ने किया श्रमदान, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
  • दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव के लिए बनेंगे बर्थ वेटिंग होम
  • पहाड़ के 2000 कुक्कुट पालकों को फीड पर मिलेगी सब्सिडी दो करोड़ रुपये की सहायता डीबीटी से सीधे खातों में पहुंचेगी
  • गंगोत्री से डायमंड हार्बर तक गंगा किनारे मिले 747 पादप टैक्सा
  • पहली बार सर्दियों में भी खुलेगी नेलांग घाटी, एक दिसंबर से पर्यटकों को मिलेगा प्रवेश

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (7,533)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (7,455)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (6,014)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (5,847)
  • हिमनद झीलों पर नजर, एक-दो मिनट में मिलेगा खतरे का अलर्ट (5,804)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?