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लैब में पहली बार तैयार हुआ कृत्रिम जीवित सेल, जीवन रचना की दिशा में वैज्ञानिकों की बड़ी छलांग

Web Editor
Last updated: 2026/07/02 at 5:05 PM
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3 Min Read
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Sent Paul, 02 July 2026।
जीवन की उत्पत्ति को समझने की वैज्ञानिक कोशिशों में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अमेरिका के University of Minnesota के वैज्ञानिकों ने पहली बार प्रयोगशाला में पूरी तरह रासायनिक यौगिकों से एक कृत्रिम जीवित कोशिका (Synthetic Living Cell) तैयार करने का दावा किया है। ‘स्पडसेल्स’ (SpudCells) नाम की यह कोशिका भोजन ग्रहण कर सकती है, बढ़ सकती है और अपने जैसी नई कोशिकाएं बनाने की क्षमता भी रखती है। इसे सिंथेटिक बायोलॉजी के क्षेत्र में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जा रहा है।
इस शोध का नेतृत्व सिंथेटिक बायोलॉजिस्ट Kate Adamala और उनकी टीम ने किया। वैज्ञानिकों ने किसी जीवित कोशिका का उपयोग किए बिना केवल रासायनिक यौगिकों को जोड़कर यह कोशिका विकसित की। हालांकि यह अभी शुरुआती और सीमित क्षमता वाला प्रोटोटाइप है, लेकिन इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत आखिर कैसे हुई होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इसी तकनीक के आधार पर जरूरत के अनुसार विशेष कार्य करने वाले कृत्रिम जीव विकसित किए जा सकेंगे। ऐसे जीव दवा निर्माण, प्रदूषण नियंत्रण, औद्योगिक रसायन उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बॉक्स: कैंसर उपचार और कार्बन कैप्चर में नई उम्मीद
वैज्ञानिकों के अनुसार स्पडसेल्स किसी पौधे या जानवर की कोशिका नहीं हैं, बल्कि इनकी संरचना साधारण बैक्टीरिया जैसी है। भविष्य में इन्हें कैंसर के लक्षित उपचार, कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने और उपयोगी रसायनों के उत्पादन जैसे कार्यों के लिए प्रोग्राम किया जा सकता है।
मानव शरीर में लगभग 37 लाख करोड़ कोशिकाएं
मानव शरीर में लगभग 37 लाख करोड़ (37 ट्रिलियन) कोशिकाएं होती हैं। वैज्ञानिक अभी भी पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं कि शरीर की विभिन्न प्रकार की कोशिकाएं किस तरह कार्य करती हैं। सिंथेटिक बायोलॉजी, स्टेम सेल रिसर्च से अलग क्षेत्र है। इसमें पहले से मौजूद कोशिकाओं में बदलाव करने के बजाय शुरुआत से नई कृत्रिम कोशिकाएं तैयार की जाती हैं।
कृत्रिम जीवन की दिशा में अहम कदम
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह शोध भविष्य में ऐसे कृत्रिम जीवों के विकास की नींव बन सकता है जिन्हें दवाएं, खाद्य पदार्थ, ईंधन या अन्य उपयोगी जैविक उत्पाद तैयार करने के लिए डिजाइन किया जाए। साथ ही यह खोज उस मूल वैज्ञानिक प्रश्न का उत्तर खोजने में भी मदद कर सकती है कि निर्जीव रासायनिक पदार्थों से पहली बार जीवन का जन्म कैसे हुआ।

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