Dehradun, 15 july 2026। उत्तराखंड सरकार पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी में है। राज्य में अब सिंगापुर जैसे देशों की तर्ज पर आधुनिक ग्लैंपिंग (लग्जरी कैंपिंग) प्रोडक्ट विकसित किए जाएंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इसके लिए उपयुक्त स्थानों का चयन कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में ग्लैंपिंग पर्यटन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और उत्तराखंड का प्राकृतिक सौंदर्य इस क्षेत्र में राज्य को बड़ी पहचान दिला सकता है।
मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को अगले पांच वर्षों के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय कर चरणबद्ध कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है, इसलिए विकास योजनाएं परिणाम आधारित होनी चाहिए। साथ ही पर्यटन उत्पादों के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए वार्षिक मार्केटिंग एवं प्रमोशन प्लान तैयार करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नीती घाटी की नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन, आदि कैलाश हाई एल्टीट्यूड मैराथन, रिवर राफ्टिंग फेस्टिवल और विंटर कार्निवल जैसे सफल आयोजनों की तर्ज पर प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इससे पर्यटकों को नए अनुभव मिलेंगे और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आय के अवसर बढ़ेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव ने पर्यटन विकास के लिए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाएं तैयार करने, नए पर्यटन सर्किट विकसित करने, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने और निजी निवेश को आकर्षित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत गांवों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। साथ ही युवाओं को पेशेवर पर्यटन गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने, प्रशिक्षण व्यवस्था को संस्थागत स्वरूप देने तथा भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम) की विशेषज्ञता का लाभ लेने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
क्या है ग्लैंपिंग?
ग्लैंपिंग (Glamorous Camping) पारंपरिक कैंपिंग और लग्जरी होटल सुविधाओं का आधुनिक मिश्रण है। इसमें पर्यटक प्राकृतिक वातावरण के बीच लक्जरी टेंट, डोम या कॉटेज में ठहरते हैं, जहां आरामदायक बिस्तर, बिजली, स्वच्छ शौचालय, गुणवत्तापूर्ण भोजन, इंटरनेट और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। यह मॉडल पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करता है।




