Dehradun, 13 july । उत्तराखंड के युवाओं को विज्ञान, अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में देहरादून में निर्माणाधीन साइंस सिटी अहम भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) परिसर में निर्माणाधीन साइंस सिटी का निरीक्षण किया और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के साथ राज्य को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (एसटीआईपी) परिसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साइंस सिटी तैयार होने के बाद उत्तराखंड के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और वैज्ञानिकों को आधुनिक संसाधनों से युक्त विश्वस्तरीय वातावरण मिलेगा। यहां अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, अनुसंधान सुविधाएं और वैज्ञानिक गतिविधियां उपलब्ध होंगी, जिससे युवा अपने नवाचारों को विकसित कर सकेंगे और नए शोध को आगे बढ़ा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन, डेटा साइंस, सेमीकंडक्टर और बायोटेक्नोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों का है। उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें बेहतर संसाधन, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार इसी उद्देश्य से विज्ञान आधारित शिक्षा, अनुसंधान और स्टार्टअप संस्कृति को लगातार प्रोत्साहित कर रही है, ताकि युवा रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने वाले बनें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने में विज्ञान और तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उत्तराखंड में ऐसा वैज्ञानिक इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है, जहां नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा मिले तथा युवा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान हरेला सप्ताह के अंतर्गत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव नितेश झा, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, वैज्ञानिक एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
बॉक्स: विज्ञान गांव-गांव तक पहुंचाने की पहल
मुख्यमंत्री ने ‘विज्ञान सेतु’ पहल के तहत सामुदायिक विज्ञान रेडियो ‘विज्ञान वाणी’ (88.8 मेगाहर्ट्ज), ‘विज्ञान दृश्यम’ और ‘विज्ञान धारा’ का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इन माध्यमों से वैज्ञानिक जानकारी और नई तकनीकों की पहुंच दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक सुनिश्चित होगी, जिससे विज्ञान को आम लोगों के जीवन से जोड़ा जा सकेगा।
बॉक्स: उत्तराखंड की पहली विज्ञान एवं नवाचार नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति के माध्यम से विज्ञान आधारित शिक्षा, अनुसंधान, डिजिटल गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियों का समाधान वैज्ञानिक शोध और तकनीक के जरिए निकाला जाएगा, जिससे राज्य विकास का एक नया मॉडल बन सके।




