Dehradun, 17 July 2026। उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी का बेटा आर. यशोवर्धन लोगों को कभी आईएएस, कभी आईपीएस, तो कभी सैन्य अधिकारी और रॉ का अफसर बनकर ठगता रहा। राजपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से सेना और पैरामिलिट्री की वर्दियां, वायरलेस सेट, फर्जी आईकार्ड, विजिटिंग कार्ड और पुलिस-आर्मी के लोगो बरामद हुए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह सरकारी अफसर की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतता था और फिर लाखों रुपये की ठगी करता था।
गुरुवार को मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि बचपन से पिता के साथ प्रशासनिक माहौल और वीआईपी संस्कृति को करीब से देखने के कारण उसका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था। उसने कई वर्षों तक संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी भी की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसने खुद को अफसर बताकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने आईपीएस और सेना के अधिकारियों जैसे पांच फर्जी पहचान पत्र तथा आठ अलग-अलग एजेंसियों के विजिटिंग कार्ड बनवा रखे थे। लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए वह सेना और पुलिस जैसी वर्दी पहनता था तथा वायरलेस सेट का इस्तेमाल करता था। उसकी वेशभूषा और आत्मविश्वास देखकर कई लोग उसे असली अधिकारी समझ बैठते थे।
आरोपी के खिलाफ फिलहाल दो गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय से उसने उनकी दिवंगत माता के नाम पर कंपनी का पंजीकरण जल्द कराने का झांसा देकर होटल जिंजर में 15 लाख रुपये ठग लिए। वहीं कैनाल रोड निवासी डॉ. अनुषा से रक्षा मंत्रालय में डाटा साइंस कंसलटेंट की नौकरी दिलाने के नाम पर 4.60 लाख रुपये हड़प लिए।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से तीन जोड़ी सेना और पैरामिलिट्री की वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, पांच फर्जी आईकार्ड, आठ विजिटिंग कार्ड, 25 आर्मी-पुलिस लोगो, एक वायरलेस सेट और एक लैपटॉप बरामद किया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने फर्जी पहचान के सहारे कितने अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पूर्व मुख्य सचिव का बेटा निकला जालसाज
Leave a comment
Leave a comment




