Nainital, 31july 2026। पर्यटन नगरी नैनीताल की पहचान मानी जाने वाली माल रोड अब शोर नहीं, सुकून के लिए जानी जाएगी। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को शांत एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने 1 अगस्त 2026 से तल्लीताल से मल्लीताल तक की माल रोड को ‘नो हॉर्न ज़ोन’ घोषित कर दिया है। इस मार्ग पर अनावश्यक हॉर्न बजाने वाले वाहन चालकों पर ₹1000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
कुमाऊं मंडलायुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने बताया कि माल रोड शहर का सबसे व्यस्त पर्यटन क्षेत्र है, जहां हर दिन हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग सैर करने पहुंचते हैं। लगातार बजते वाहनों के हॉर्न से ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा था, जिससे झील किनारे का शांत वातावरण प्रभावित हो रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे मार्ग को साइलेंस जोन घोषित करने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत माल रोड के सभी प्रमुख प्रवेश बिंदुओं, विशेषकर तल्लीताल और मल्लीताल में बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से भी पर्यटकों और वाहन चालकों को नियमों की जानकारी दी जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि माल रोड में प्रवेश करते समय हॉर्न का प्रयोग न करें और पैदल चलने वाले लोगों को प्राथमिकता दें।
मंडलायुक्त ने कहा कि शुरुआती दिनों में प्रशासन का जोर लोगों को जागरूक करने पर रहेगा। हालांकि, नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत ₹1000 का चालान किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें पूरे क्षेत्र में निगरानी रखेंगी ताकि व्यवस्था का प्रभावी ढंग से पालन हो सके।
प्रशासन का मानना है कि इस पहल से माल रोड पर ध्वनि प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे पर्यटकों को नैनी झील और आसपास के प्राकृतिक वातावरण का शांतिपूर्ण अनुभव मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों के लिए भी यह क्षेत्र अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा। पैदल चलने वालों को सड़क पार करने और आराम से घूमने में आसानी होगी।
दीपक रावत ने कहा कि यह केवल जुर्माना लगाने की व्यवस्था नहीं, बल्कि लोगों में ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अभियान भी है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में नैनीताल के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी ‘नो हॉर्न ज़ोन’ की अवधारणा लागू की जा सकती है। प्रशासन को उम्मीद है कि पर्यटक और स्थानीय नागरिक इस पहल का सहयोग करेंगे, जिससे नैनीताल की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।




