Dehradun, 25 September 2026। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पर्यटन सीजन 2025-26 के दौरान जंगल सफारी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रही। 15 नवंबर 2025 से 15 जून 2026 तक कॉर्बेट में देश-विदेश से 2,50,597 पर्यटक पहुंचे। इकोटूरिज्म गतिविधियों से इस अवधि में 24 करोड़ 62 लाख 33 हजार 155 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस दौरान कुल 65,390 सफल बुकिंग दर्ज की गईं।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पर्यटन सीजन के आंकड़े जारी किए। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल पूरे सीजन में सुचारु रहा। साइबर सुरक्षा के तहत पोर्टल पर करीब 25 करोड़ साइबर हमलों को रोकने का दावा किया गया।
आंकड़ों के अनुसार जंगल सफारी के लिए 50,395 परमिट जारी हुए, जिनके माध्यम से 2,11,360 पर्यटकों ने जंगल का भ्रमण किया। नाइट स्टे के लिए 5,590 बुकिंग में 14,040 पर्यटक पहुंचे, जबकि कैंटर सफारी की 9,405 बुकिंग के जरिए 25,197 पर्यटकों ने सफारी की। कुल पर्यटकों में 2,40,646 भारतीय और 9,951 विदेशी शामिल रहे।
राजस्व में भी सफारी की हिस्सेदारी सर्वाधिक 67.2 प्रतिशत रही। नाइट स्टे से 18.2 और कैंटर से 14.6 प्रतिशत राजस्व मिला। नाइट स्टे में ढिकाला जोन की हिस्सेदारी 68.56 प्रतिशत, जबकि सफारी में झिरना जोन की हिस्सेदारी 31.51 प्रतिशत रही।
रामनगर की अर्थव्यवस्था को मिला पर्यटन का सहारा
कॉर्बेट पर्यटन से रामनगर में होटल, गाइड, ड्राइवर, दुकानदार और स्थानीय परिवहन कारोबार को भी गति मिली। राष्ट्रीय बुकिंग में रामनगर से सफारी के 22,364 परमिट, नाइट स्टे की 1,510 और कैंटर की 1,374 बुकिंग हुईं। प्रशासन के अनुसार पर्यटकों की आवाजाही से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आय के अवसर बढ़े।
बाक्स | पिछले वित्त वर्ष में चार लाख से अधिक पर्यटक
वित्त वर्ष 2025-26 में कॉर्बेट नेशनल पार्क में चार लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे। इनमें 3,89,997 भारतीय और 10,949 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। इससे करीब 27 करोड़ 75 लाख 28 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।




