New Delhi, 16 october 2026 । मेरठ के चर्चित सांप कांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर (एडीजे-12) की अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए पति अमित कश्यप की हत्या के दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों ने अमित की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव के पास सांप छोड़ दिया था, ताकि मौत को सर्पदंश का मामला दिखाया जा सके।
दोनों दोषियों को सात अक्टूबर को हत्या का दोषी ठहराया गया था। शुक्रवार को सजा सुनाए जाने के दौरान उन्हें जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को फांसी की सजा सुनाई।
553 दिन, 87 तारीखें और 12 गवाह
मामले की सुनवाई 553 दिनों तक चली। इस दौरान अदालत में 87 तारीखें लगीं और 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपना पक्ष रखा। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड सुनाया।
पति की मौत को सर्पदंश दिखाने की कोशिश
यह मामला 12 अप्रैल 2025 को सामने आया था, जब अमित कश्यप अपने घर में मृत पाए गए थे। शव के पास सांप मिलने से शुरुआत में मौत को सर्पदंश से जोड़कर देखा गया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की बात सामने आने के बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदली। जांच के दौरान हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, हत्या के बाद शव के पास सांप छोड़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई थी।
फैसले के बाद भावुक हुईं अमित की मां
अदालत का फैसला सुनने के बाद अमित की मां मुनेश और सरकारी वकील फरजाना मकसूद अहमद भावुक हो गईं। वादी पक्ष के अधिवक्ता बलराज सिंह ने कहा कि वह शुरुआत से ही दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग कर रहे थे। इस फैसले के बाद मेरठ का चर्चित सांप कांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।




