Uttrakashi, 01 November 2026 । गंगोत्री क्षेत्र के दुर्गम केदारताल में भारी बर्फबारी के बीच लापता हुए आठ ट्रेकर्स की तलाश में प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। जमीन के साथ आसमान से भी उनकी खोज की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है। प्रशासन की ओर से हेलीकॉप्टर से दो बार हवाई रेकी कराई गई, मगर दोनों ही प्रयासों में ट्रेकर्स की कोई लोकेशन नहीं मिल सकी। खराब मौसम, बर्फ से ढके रास्तों और दुर्गम पहाड़ी भूगोल के कारण रेस्क्यू अभियान में लगातार मुश्किलें आ रही हैं।
लापता ट्रेकर्स के दल में पश्चिम बंगाल के पांच, उत्तर प्रदेश के दो और उत्तराखंड का एक सदस्य शामिल है। राहत की बात यह है कि इनके साथ गए पोर्टर स्टाफ के चार सदस्य सुरक्षित गंगोत्री पहुंच गए हैं। उनके लौटने के बाद प्रशासन को घटनाक्रम से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। हालांकि, आठ ट्रेकर्स की वास्तविक स्थिति और उनके फंसे होने के स्थान का पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।
खोज अभियान को और गति देने के लिए एसडीआरएफ के साथ अब राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को भी मैदान में उतारा गया है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि एनडीआरएफ की दस सदस्यीय टीम को भी केदारताल क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया गया है। इससे पहले एसडीआरएफ के पांच जवानों ने भोज खड़क क्षेत्र में पहुंचकर सर्च ऑपरेशन चलाया था। टीम ने संभावित स्थानों पर तलाश की, लेकिन ट्रेकर्स का कोई पता नहीं चल सका।
प्रशासन की ओर से हवाई और जमीनी दोनों माध्यमों से तलाश जारी रखी जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मौसम और अत्यधिक ऊंचाई वाला दुर्गम क्षेत्र है। बर्फबारी के कारण आवाजाही कठिन होने से बचाव दल को भी बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ना पड़ रहा है। आठों ट्रेकर्स की सुरक्षित तलाश प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
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ये हैं लापता ट्रेकर्स
पश्चिम बंगाल (जिला बाकुडा):
तपस बाउरी
रतन घोष
रिंटू मंडल
उदय घोष
मनोज खोवास
उत्तर प्रदेश (लखनऊ):
वर्तिका वर्मा
दीपिका वर्मा
उत्तराखंड (उत्तरकाशी):
सिद्धार्थ राणा




