By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: बिना चिन्हित किए आदमखोर बाघ मारने के आदेश पर रोक
Share
Notification Show More
Latest News
गंगोत्री नेशनल पार्क में पांच साल का रिकॉर्ड टूटा, 39,519 पर्यटक पहुंचे
उत्तराखंड
डिजिटल हुई गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी
उत्तराखंड
उत्तराखंड पुलिस में 1600 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती, सीएम धामी का ऐलान
उत्तराखंड
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उत्तराखंड में बढ़ेंगी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं
उत्तराखंड
कान्हा में नौ बाघों की मौत से उत्तराखंड में अलर्ट, कार्बेट-राजाजी में बढ़ेगी सतर्कता
Uncategorized
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > बिना चिन्हित किए आदमखोर बाघ मारने के आदेश पर रोक
उत्तराखंड

बिना चिन्हित किए आदमखोर बाघ मारने के आदेश पर रोक

Web Editor
Last updated: 2023/12/16 at 9:09 AM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

नैनीताल: हाई कोर्ट ने भीमताल क्षेत्र में आदमखोर बाघ या गुलदार द्वारा दो महिलाओं को निवाला बनाने पर वन विभाग की ओर से बिना चिन्हित किए सीधे वन्यजीव को मारने के वन विभाग के आदेश पर रोक लगा दी है।

न्यायाधीश न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि घर का बच्चा अगर बिगड़ जाता है तो उसे सीधे मार थोड़े दिया जाता है। विभाग ने क्षेत्रवासियों के आंदोलन के बाद उसे मारने के आदेश दे दिए। हिंसक जानवर को मारने के लिए चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन की संतुष्टि होनी जरूरी है न कि किसी नेता के आंदोलन की। कोर्ट ने कहा कि अभी तक यही पता नही है कि हमलावर बाघ है या गुलदार, तो फिर कैसे उसे मारने के आदेश दे दिए गए।

कोर्ट ने वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 11ए के तहत उसे मारने के आदेश पर गुरुवार तक स्थिति भी स्पष्ट करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 21 दिसंबर को होगी।

गुरुवार को खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान लेकर भीमताल में आदमखोर वन्यजीव मामले में सुनवाई की। इस दौरान मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन धनंजय मोहन और नैनीताल के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी उपस्थित हुए।

कोर्ट ने वन अधिकारियों से गुलदार को मारने की अनुमति देने के प्रविधान के बारे में जानकारी ली तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 11ए में खूंखार हमलावर जानवर को मारने की अनुमति दी जाती है। उसे पकड़ने के लिए व पहचान करने के लिए पांच पिंजरे व 36 कैमरे लगाए हैं। क्षेत्र में मिले पगचिन्हों के आधार पर उसके गुलदार होने का अनुमान है।

न्यायालय ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 11ए के तहत तीन परिस्थितियों में किसी जानवर को मार सकते हैं। पहले उसे उस क्षेत्र से खदेड़ा जाएगा। फिर ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू सेंटर में रखा जाएगा और अंत में मारने जैसा अंतिम कठोर कदम उठाया जा सकता है। लेकिन विभाग ने बिना जांच के ही सीधे मारने के आदेश दे दिए। जबकि उन्हें यही स्पष्ट नही है कि वह बाघ है या गुलद्वार।

You Might Also Like

गंगोत्री नेशनल पार्क में पांच साल का रिकॉर्ड टूटा, 39,519 पर्यटक पहुंचे

डिजिटल हुई गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी

उत्तराखंड पुलिस में 1600 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती, सीएम धामी का ऐलान

गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उत्तराखंड में बढ़ेंगी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं

उत्तराखंड में खुली मिठाइयों पर भी लिखनी होगी एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

TAGGED: crime
Web Editor December 16, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article कार का क्‍लेम पानेे का डिप्‍टी जेलर ने रची साजिश
Next Article राज्य सरकार ने वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान राशि में वृद्धि की
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

गंगोत्री नेशनल पार्क में पांच साल का रिकॉर्ड टूटा, 39,519 पर्यटक पहुंचे
उत्तराखंड October 22, 2026
डिजिटल हुई गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी
उत्तराखंड October 22, 2026
उत्तराखंड पुलिस में 1600 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती, सीएम धामी का ऐलान
उत्तराखंड October 21, 2026
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उत्तराखंड में बढ़ेंगी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं
उत्तराखंड October 19, 2026

Recent Posts

  • गंगोत्री नेशनल पार्क में पांच साल का रिकॉर्ड टूटा, 39,519 पर्यटक पहुंचे
  • डिजिटल हुई गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी
  • उत्तराखंड पुलिस में 1600 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती, सीएम धामी का ऐलान
  • गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उत्तराखंड में बढ़ेंगी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं
  • कान्हा में नौ बाघों की मौत से उत्तराखंड में अलर्ट, कार्बेट-राजाजी में बढ़ेगी सतर्कता

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे (16,174)
  • पहाड़ के स्वाद ने पार किया छह करोड़ का आंकड़ा, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ बना नया बाजार (15,924)
  • क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी (15,386)
  • दुनियाभर में होगी उत्तराखंड के सेब की ब्राडिंग  (14,832)
  • चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी (14,562)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?