By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: विधि विधान के साथ खुले गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब जी के कपाट
Share
Notification Show More
Latest News
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, पर्वतारोहण अभियानों ने बढ़ाया उत्साह
उत्तराखंड
टिहरी झील क्षेत्र का बनेगा समग्र मास्टर प्लान, 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र होगा शामिल
उत्तराखंड
गड्ढामुक्त सड़कों के लिए सड़कों पर उतरा सरकारी अमला
उत्तराखंड
कोयले की तपिश और हरियाली की बयार, गेवरा खदान पहुंचे उत्तराखंड के पत्रकार
उत्तराखंड
प्रकृति से संस्कृति के सफ़र पर देवभूमि का मीडिया दल, छत्तीसगढ़ में देखेंगे विकास की तस्वीर
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > विधि विधान के साथ खुले गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब जी के कपाट
उत्तराखंड

विधि विधान के साथ खुले गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब जी के कपाट

Web Editor
Last updated: 2024/05/25 at 1:24 PM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

चमोली : विश्व प्रसिद्ध गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब जी के कपाट आज दिनांक 25 मई से श्रृद्धालुओं के लिये विधिवत् अरदास के साथ खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही आज इस शुभ अवसर पर लगभग 2000 संगतों की उपस्थिति में श्री हेमकुण्ट साहिब जी की पावन यात्रा का भव्य रूप से शुभारंभ हो गया है।

वैसे तो यात्रा का आगाज ऋषिकेश गुरूद्वारा परिसर से पहले जत्थे के प्रस्थान करने के साथ ही हो गया था। 22 मई को उत्तराखण्ड राज्य के माननीय राज्यपाल ने धार्मिक अनुयायियों के साथ मिलकर जत्थे को रवाना किया था जो कि 23 मई को गुरूद्वारा गोबिंद घाट में ठहरकर 24 मई को पैदल चलते हुए गोबिंद धाम (घांघरिया) पहुंचा था तथा रात्रि विश्राम करके आज जत्थे ने हेमकुण्ट साहिब के लिए प्रस्थान किया। प्रातःकाल से ही हजारों की संख्या में देश विदेश से श्रृद्धालु हेमकुण्ट साहिब पहुंचने लगे थे।

आज इस विशेष अवसर पर पंज प्यारों की अगुवाई में जत्थे ने ‘‘जो बोले सो निहाल’’ के जयकारों व ंबैंड बाजों की धुनों के साथ कीर्तन करते हुए यात्रा के अंतिम पड़ाव श्री हेमकुण्ट साहिब पहुंचकर गुरू महाराज के श्री चरणों में अपनी हाजिरी भरी। गुरूद्वारा प्रबंधक सरदार गुरनाम सिंह व मुख्य ग्रंथी भाई मिलाप सिंह द्वारा संगतों के साथ मिलकर प्रातः 9ः30 बजे पवित्र गुरू ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों को सुखासन स्थल से दरबार साहिब में लाया गया तथा पावन प्रकाश करते हुए अरदास की और गुरू महाराज का पहला हुकमनामा जारी किया गया। मुख्य ग्रंथी द्वारा प्रातः 10.15 बजे सुखमनी साहिब जी का पाठ किया गया। इसके पश्चात प्रातः 11.30 बजे से रागी जत्थों द्वारा गुरबाणी कीर्तन का गुणगान किया गया जिससे कि दरबार साहिब में उपस्थित संगतें प्रसन्नचित्त होकर निहाल हो गईं। साथ ही निशान साहिब जी के चोले की सेवा भी चलती रही। समस्त गुरूद्वारा परिसर व दरबार हॉल को फूलों व अन्य साजों सामान से सजाया गया।

भारतीय सेना के 418 इंडीपेंडेंट कोर के कर्नल विरेन्द्र ओला जी एवं ब्रिगेडियर एम. एस. ढिल्लों जी भी हेमकुण्ट साहिब में उपस्थित रहे। यात्रा हेतु उनका व साथियों का विशेष योगदान रहा। प्रशासन के साथ गुरूघर सेवादारों ने भी यात्रा की आरंभता के लिए बहुत सहयोग किया। कपाट खुलने के पावन अवसर पर गुरूद्वारा ट्रस्ट के अध्यक्ष सरदार नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा जी व गुरूद्वारा गोबिन्द घाट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह जी भी मौजूद रहे। बिन्द्रा जी ने अपने संबोधन में कहा कि हेमकुण्ट साहिब में बर्फ अधिक है इसलिए बुजुर्ग, छोटे बच्चे व बीमार व्यक्ति कुछ समय के लिए यात्रा पर आने से परहेज करें तथा सरकार द्वारा भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं कि यू-ट्यूबर व ब्लॉगर धार्मिक स्थलों पर वीडियोग्राफी या रील्स न बनाएं जिससे कि श्रृद्धालुओं को परेशानी न हो। गुरूद्वारा ट्रस्ट द्वारा अपील है कि श्रृद्धालु निःसंकोच यात्रा पर आएं और गुरू महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करें। इसके अलावा जो श्रृद्धालु यात्रा पर आने में असमर्थ हैं वे हेमकुण्ट साहिब जी से सीधा प्रसारण पी.टी.सी. सिमरन पर प्रतिदिन प्रातः10 बजे से दोपहर 1 बजे तक देख सकते हैं। साथ ही ट्रस्ट आशा करता है कि आने वाले सभी श्रृद्धालु पवित्र भावना व आपसी सौहार्द के साथ प्रशासन एवं गुरूघर सेवादारों को सहयोग करते हुए यात्रा को निर्विघ्न सफल बनाएगें।

You Might Also Like

उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, पर्वतारोहण अभियानों ने बढ़ाया उत्साह

टिहरी झील क्षेत्र का बनेगा समग्र मास्टर प्लान, 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र होगा शामिल

गड्ढामुक्त सड़कों के लिए सड़कों पर उतरा सरकारी अमला

कोयले की तपिश और हरियाली की बयार, गेवरा खदान पहुंचे उत्तराखंड के पत्रकार

प्रकृति से संस्कृति के सफ़र पर देवभूमि का मीडिया दल, छत्तीसगढ़ में देखेंगे विकास की तस्वीर

TAGGED: The doors of Gurudwara Shri Hemkund Sahib ji opened with rituals
Web Editor May 25, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article एचएसएमएस में बिजनेस कॉन्क्लेव मंथन-2024 आयोजित
Next Article उत्तराखंड में अस्पतालों के बाहर चल रहे ब्लड बैकों का नहीं होगा लाइसेंस रिन्यू
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, पर्वतारोहण अभियानों ने बढ़ाया उत्साह
उत्तराखंड September 24, 2026
टिहरी झील क्षेत्र का बनेगा समग्र मास्टर प्लान, 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र होगा शामिल
उत्तराखंड September 24, 2026
गड्ढामुक्त सड़कों के लिए सड़कों पर उतरा सरकारी अमला
उत्तराखंड September 24, 2026
कोयले की तपिश और हरियाली की बयार, गेवरा खदान पहुंचे उत्तराखंड के पत्रकार
उत्तराखंड September 15, 2026

Recent Posts

  • उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, पर्वतारोहण अभियानों ने बढ़ाया उत्साह
  • टिहरी झील क्षेत्र का बनेगा समग्र मास्टर प्लान, 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र होगा शामिल
  • गड्ढामुक्त सड़कों के लिए सड़कों पर उतरा सरकारी अमला
  • कोयले की तपिश और हरियाली की बयार, गेवरा खदान पहुंचे उत्तराखंड के पत्रकार
  • प्रकृति से संस्कृति के सफ़र पर देवभूमि का मीडिया दल, छत्तीसगढ़ में देखेंगे विकास की तस्वीर

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (7,461)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (7,364)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (5,923)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (5,765)
  • हिमनद झीलों पर नजर, एक-दो मिनट में मिलेगा खतरे का अलर्ट (5,740)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?