By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: आपदाओं से निपटने के लिए रिस्पांस टाइम का अध्ययन जरूरी
Share
Notification Show More
Latest News
विश्व योगासन चैंपियनशिप में एसजीआरआर विश्वविद्यालय के सुमीर ज्ञवाली का जलवा, जीते स्वर्ण व कांस्य पदक
उत्तराखंड
दोबारा बसाई जा रही अवैध कॉलोनी पर एमडीडीए का बुलडोजर, रेतीवाला में 10 बीघा की प्लाटिंग ध्वस्त
उत्तराखंड
रन फॉर योगा’ से युवाओं को दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
उत्तराखंड
दिसंबर 2028 तक दौड़ेगी पहाड़ों में रेल, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना को मिली नई गति
उत्तराखंड
यूरोप में मिठास घोलेगी देहरादूनी लीची, इटली को पहली खेप रवाना
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > आपदाओं से निपटने के लिए रिस्पांस टाइम का अध्ययन जरूरी
उत्तराखंड

आपदाओं से निपटने के लिए रिस्पांस टाइम का अध्ययन जरूरी

Web Editor
Last updated: 2024/07/16 at 1:19 PM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

देहरादून: उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) श्री आनंद स्वरूप ने कहा कि विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने के लिए रिस्पांस टाइम का अध्ययन किया जाना जरूरी है। इससे यह समझने में आसानी रहेगी कि आपदा घटित होने के बाद राहत और बचाव कार्यों में कितना समय लगा और कहां कमियां रहीं।

मंगलवार को यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में श्री स्वरूप ने यूएसडीएमए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदाओं को लेकर एक डेटा बेस बनाया जाए और यह अध्ययन किया जाए कि आपदा से निपटने में रिस्पांस टाइम क्या रहा। उन्होंने कहा कि इससे राहत और बचाव कार्यों के दौरान आने वाले चुनौतियों तथा गैप्स का पता चल सकेगा और उनमें आवश्यक सुधार किए जा सकेंगे।

एसीईओ श्री स्वरूप ने कहा कि इस अध्ययन से जो अच्छे कार्य सामने निकलकर आएंगे उन्हें दूसरे स्थानों पर भी नजीर के तौर पर लागू किया जा सकेगा। उन्होंने विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड आपदाओं को लेकर संवेदनशील है और इनसे कम से कम जान-माल का नुकसान हो, इसलिए सभी विभागों के बीच आपसी सामंजस्य और तालमेल होना जरूरी है।

एसीईओ ने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में तैनात विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए जरूरी है कि सभी रेखीय विभागों के अधिकारी सूचनाओं के आदान-प्रदान में सक्रियता दिखाएं। इस मौके पर उन्होंने सेटेलाइट फोन के जरिये डीडीएमओ चमोली तथा उत्तरकाशी से वार्ता कर बंद मोटर मार्गों को लेकर जानकारी ली। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि गूगल शीट पर अतिवृष्टि के कारण होने वाली क्षति का ब्योरा प्रतिदिन अपडेट किया जाए। उन्होंने विद्युत पोलों पर खुली तारों को लेकर चिंता जताई तथा विद्युत विभाग को जल्द समाधान के निर्देश दिए।

इस दौरान उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जारी होने वाले मौसम तथा आपदा संबंधी चेतावनियों की समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि सभी चेतावनियों को समय पर आम जनता तक पहुंचाया जाए ताकि लोग अपने स्तर पर भी जागरूक और सतर्क रहें।

इस मौके पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) श्री राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, एसईओसी की दिवस प्रभारी डॉ. वेदिका पंत, रोहित कुमार, हेमंत बिष्ट, तंद्रीला सरकार आदि मौजूद थे।

You Might Also Like

विश्व योगासन चैंपियनशिप में एसजीआरआर विश्वविद्यालय के सुमीर ज्ञवाली का जलवा, जीते स्वर्ण व कांस्य पदक

दोबारा बसाई जा रही अवैध कॉलोनी पर एमडीडीए का बुलडोजर, रेतीवाला में 10 बीघा की प्लाटिंग ध्वस्त

रन फॉर योगा’ से युवाओं को दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

दिसंबर 2028 तक दौड़ेगी पहाड़ों में रेल, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना को मिली नई गति

यूरोप में मिठास घोलेगी देहरादूनी लीची, इटली को पहली खेप रवाना

TAGGED: Study of response time is necessary to deal with disasters
Web Editor July 16, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article आईआईएम रोहतक ने प्रस्तुत की चारधाम यात्रा पर स्टडी रिपोर्ट
Next Article मुख्यमंत्री  धामी ने किया जागेश्वर धाम के प्रसिद्ध श्रावणी मेले का शुभारंभ
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

विश्व योगासन चैंपियनशिप में एसजीआरआर विश्वविद्यालय के सुमीर ज्ञवाली का जलवा, जीते स्वर्ण व कांस्य पदक
उत्तराखंड June 20, 2026
दोबारा बसाई जा रही अवैध कॉलोनी पर एमडीडीए का बुलडोजर, रेतीवाला में 10 बीघा की प्लाटिंग ध्वस्त
उत्तराखंड June 19, 2026
रन फॉर योगा’ से युवाओं को दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
उत्तराखंड June 19, 2026
दिसंबर 2028 तक दौड़ेगी पहाड़ों में रेल, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना को मिली नई गति
उत्तराखंड June 19, 2026

Recent Posts

  • विश्व योगासन चैंपियनशिप में एसजीआरआर विश्वविद्यालय के सुमीर ज्ञवाली का जलवा, जीते स्वर्ण व कांस्य पदक
  • दोबारा बसाई जा रही अवैध कॉलोनी पर एमडीडीए का बुलडोजर, रेतीवाला में 10 बीघा की प्लाटिंग ध्वस्त
  • रन फॉर योगा’ से युवाओं को दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
  • दिसंबर 2028 तक दौड़ेगी पहाड़ों में रेल, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना को मिली नई गति
  • यूरोप में मिठास घोलेगी देहरादूनी लीची, इटली को पहली खेप रवाना

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,268)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,131)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,632)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,553)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,393)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?