देहरादून, 15 अप्रैल 2026। नरेंद्र मोदी ने दिल्ली–दून इकोनॉमिक कॉरिडोर को उत्तराखंड के समग्र विकास का “गेट-वे” बताते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य की आर्थिक संरचना को नई दिशा देने वाली साबित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक कॉरिडोर और हाईवे केवल आवागमन के साधन नहीं, बल्कि विकास की धड़कन हैं, जो क्षेत्रों को अवसरों से जोड़ते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के जरिए उत्तराखंड की कनेक्टिविटी देश की राजधानी और बड़े व्यापारिक केंद्रों से और मजबूत होगी। इससे माल ढुलाई तेज, सस्ती और भरोसेमंद बनेगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को सीधा फायदा मिलेगा। राज्य के कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार में बेहतर पहचान मिलने के साथ निर्यात के नए रास्ते भी खुलेंगे।
उन्होंने कहा कि जब व्यापार का विस्तार होता है, तो रोजगार के अवसर स्वतः बढ़ते हैं। इस कॉरिडोर के बनने से लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्ट, होटल और सर्विस सेक्टर में बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी। इससे युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिलेगा और पलायन की समस्या पर भी अंकुश लग सकेगा।
प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि यह परियोजना केवल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि एक मजबूत आर्थिक नेटवर्क तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। यह नेटवर्क विभिन्न क्षेत्रों को जोड़कर संतुलित विकास सुनिश्चित करेगा और निवेश के नए अवसर पैदा करेगा।
पर्यटन को मिलेगा नया उछाल
मोदी ने उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि इस कॉरिडोर से देहरादून, मसूरी, हरिद्वार और ऋषिकेश तक पहुंच और आसान हो जाएगी। यात्रा समय कम होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय कारोबार, होटल उद्योग और परिवहन सेवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
30 मिनट का संबोधन, संयोग भी खास
जसवंत ग्राउंड में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने दोपहर 2:13 बजे संबोधन शुरू किया। खास बात यह रही कि उन्होंने 213 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के साथ ही लगभग 30 मिनट तक जनता को संबोधित किया और 2:43 बजे भाषण समाप्त किया।
यह कॉरिडोर आने वाले समय में उत्तराखंड को निवेश, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है।
Doon-Delhi express way : उत्तराखंड के विकास का नया कॉरिडोर
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