सुरक्षित और तेज़ होगी पहाड़ों की यात्रा
देहरादून, 15 April 2026। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सड़क निर्माण की दिशा अब बड़ा बदलाव देखने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने साफ किया है कि राज्य में अब टनल आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा अधिक सुरक्षित और निर्बाध हो सके।
गडकरी के मुताबिक, केंद्र सरकार लैंडस्लाइड जोन के ट्रीटमेंट पर करीब 4300 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। हर साल बारिश में बाधित होने वाले मार्गों को आधुनिक तकनीक से स्थायी समाधान दिया जाएगा। इस रणनीति से न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पहाड़ों में कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
उन्होंने जानकारी दी कि हरिद्वार सिक्स लेन हाईवे का उद्घाटन मई में प्रस्तावित है, जिससे धार्मिक पर्यटन और इंडस्ट्रियल ट्रैफिक दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा। वहीं टनकपुर से लिपुलेख तक सड़क निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जो सामरिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
गडकरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
शहरों में भी ट्रैफिक से राहत की तैयारी
देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए झाझरा से आशारोड़ी तक एलिवेटेड रोड का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसके अलावा देहरादून-मसूरी मार्ग पर बाइपास का काम भी तेजी से चल रहा है, जिससे पर्यटन सीजन में जाम की समस्या कम होगी।
नई सड़कों का जाल होगा तैयार
पौंटा साहिब से देहरादून फोर लेन मार्ग करीब 1650 करोड़ रुपये की लागत से अगले महीने शुरू होने जा रहा है। वहीं हरिद्वार में 1600 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीन फील्ड बाईपास फेज-1 अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। साथ ही 1100 करोड़ रुपये की ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी मिल चुकी है, जिस पर अगस्त तक काम शुरू हो जाएगा।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में सड़क नेटवर्क अब टनल और आधुनिक तकनीक के सहारे नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है, जिससे पहाड़ों की यात्रा पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, तेज़ और सुगम होगी।




