By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: 15 दिनों में जनपदों में लंबित कार्यों का परीक्षण करवा कर रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश
Share
Notification Show More
Latest News
पर्वतीय कृषि की चुनौतियों का समाधान नवाचार से होगा: धामी
उत्तराखंड
नेपाल पहुंची उत्तराखंड की ट्राउट, अब यूरोप और मध्य-पूर्व के बाजारों पर नजर
उत्तराखंड
कम बारिश की आशंका पर शिवराज ने किसानों को चेताया ,रणनीति बदलने की अपील
उत्तराखंड
टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 
उत्तराखंड
पुणे में सामने आया एक और ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा मामला, मंगेतर को खाई में दिया धक्का
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > 15 दिनों में जनपदों में लंबित कार्यों का परीक्षण करवा कर रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश
उत्तराखंड

15 दिनों में जनपदों में लंबित कार्यों का परीक्षण करवा कर रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश

Web Editor
Last updated: 2024/09/09 at 10:28 AM
Web Editor
Share
2 Min Read
SHARE

देहरादून : अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में स्प्रिंग एंड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण (SARRA), उत्तराखण्ड की जनपद एवं अर्न्तविभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सभी विभागों को सारा के अंतर्गत गतिमान योजनाओं को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा आगामी 15 दिनों के अंदर जनपदों में लंबित कार्यों का परीक्षण करवा कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए, एवं जो कार्य धरातल में पूर्ण हो चुके हैं, उनके आउटकम, आंकड़े सहित पेश किए जाएं। उन्होंने कहा प्रदेश के अंदर बंद पड़े हैंडपंप को पुनः रिचार्ज करने की दिशा में भी कार्य किए जाएं। बंद पड़े हैंडपंपों के माध्यम से भूजल को पुनःरिचार्ज किया जाए, जिसके लिए कार्य योजना बनाकर धरातल में उतारा जाए। उन्होंने कहा प्रदेश में पिछले साल तक पूर्ण रूप से सूख चुके हैंडपंपों की गिनती भी हो।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि क्रिटिकल जल स्रोतों के उपचार हेतु वैज्ञानिक विधि से स्प्रिंगशेड और रिचार्ज क्षेत्रों की पहचान और सीमांकन किया जाए। जल संरक्षण के साथ ही जल गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा भौगोलिक स्थिति को देखते हुए उपयुक्त रिचार्ज उपायों को अपनाया जाए। उन्होंने कहा पेयजल निगम, जल संस्थान, सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग द्वारा चिन्हित किए गए कार्यों में आपसी समन्वय के साथ तेजी लाई जाए। एवं हर योजना का तकनीकी अध्ययन जरूर करवाएं।

इस दौरान बैठक में बताया गया कि पेयजल निगम द्वारा राज्य के अंतर्गत कुल 78 एवं जल संस्थान द्वारा राज्य के कुल 415 क्रिटिकल जल स्रोत चिन्हित किए गए हैं, जिनपर विभिन्न स्तरों पर कार्य गतिमान है।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (SARRA) श्रीमती नीना ग्रेवाल, आईएफएस श्री आर.के मिश्रा, अपर सचिव श्रीमती गरिमा, श्री बीके तिवारी एचओडी लघु सिंचाई एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

You Might Also Like

पर्वतीय कृषि की चुनौतियों का समाधान नवाचार से होगा: धामी

नेपाल पहुंची उत्तराखंड की ट्राउट, अब यूरोप और मध्य-पूर्व के बाजारों पर नजर

कम बारिश की आशंका पर शिवराज ने किसानों को चेताया ,रणनीति बदलने की अपील

टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 

पुणे में सामने आया एक और ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा मामला, मंगेतर को खाई में दिया धक्का

TAGGED: Instructions to get the pending works in the districts tested and send the report to the government within 15 days
Web Editor September 9, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए सभी जनपदों में सहायता करे यातायात निदेशालय
Next Article हिमालय संरक्षण के लिए गठित होगी विशेष कमेटी : सीएम
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

पर्वतीय कृषि की चुनौतियों का समाधान नवाचार से होगा: धामी
उत्तराखंड June 26, 2026
नेपाल पहुंची उत्तराखंड की ट्राउट, अब यूरोप और मध्य-पूर्व के बाजारों पर नजर
उत्तराखंड June 26, 2026
कम बारिश की आशंका पर शिवराज ने किसानों को चेताया ,रणनीति बदलने की अपील
उत्तराखंड June 26, 2026
टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 
उत्तराखंड June 23, 2026

Recent Posts

  • पर्वतीय कृषि की चुनौतियों का समाधान नवाचार से होगा: धामी
  • नेपाल पहुंची उत्तराखंड की ट्राउट, अब यूरोप और मध्य-पूर्व के बाजारों पर नजर
  • कम बारिश की आशंका पर शिवराज ने किसानों को चेताया ,रणनीति बदलने की अपील
  • टिहरी के रमेश ने सितारों से सजाई भविष्य की राहें 
  • पुणे में सामने आया एक और ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा मामला, मंगेतर को खाई में दिया धक्का

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,284)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,146)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,638)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,568)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,400)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?