नई दिल्ली (पीबी) : अहमदाबाद में पिछले माह 12 जून को हुए एअर इंडिया के विमान हादसे को लेकर भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने ठीक एक माह बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट में दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण विमान के दोनों इंजनों में फ्यूल की सप्लाई बंद होना बताया गया है। लंदन जाने वाला यह ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरने के कुछ ही एक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास से टकरा गया। हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई। सिर्फ एक व्यक्ति जीवन बचाने में सफल रहा। हादसे में ज़मीन पर मौजूद 19 अन्य लोगों की भी मौत हो गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान के दोनों इंजन फ्यूल कटऑफ स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ हो गए। इस कारण टेकऑफ के चंद सेकेंड बाद ही विमान के इंजन बंद हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों इंजन में रीलाइट की प्रक्रिया शुरू हुई। इंजन-1 कुछ हद तक रिकवर करने लगा, लेकिन इंजन-2 पूरी तरह से स्पीड रिकवर नहीं कर पाया।
इसके अलावा, कॉकपिट में पायलटों के बीच संवाद के विश्लेषण से यह भी पता चला है कि फ्यूल कटऑफ किसी ने जानबूझकर नहीं किया था। रिपोर्ट के मुताबिक विमान के ऑटोमैटिक सिस्टम ने आपात परिस्थियों को देखते हुए स्वतः सहायता करने की कोशिश की, हालांकि, रैम एयर टर्बाइन और APU जैसी प्रणालियों को सक्रिय करने के बावजूद विमान क्रैश होने से नहीं बचाया जा सका। जांच में इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि विमान के रास्ते में कोई पक्षी था। इससे यह स्पष्ट होता है कि बर्ड हिट इस दुर्घटना का कारण नहीं था।
एएआईबी के अनुसार, दुर्घटनास्थल पर ड्रोन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर ली गई है और मलबा सुरक्षित जगह रखा गया है ताकि आगे की तकनीकी जांच की जा सके। हादसे की विस्तृत जांच, विश्लेषण और साक्ष्य संग्रह अभी भी जारी हैं। इसलिए अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
दूसरी ओर नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि की रिपोर्ट प्रारंभिक है और इसके आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाले जा सकते क्योंकि पायलटों के बीच बातचीत बहुत संक्षिप्त थी। वह विमान हादसे की जाँच के बारे में पत्रकारों से बात कर रहे थे।