Uttarakhand Boosts Border Security Amid Political Instability in Nepal
उत्तराखंड की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी करने की तैयारी
देहरादून, 9 सितम्बर, 2025 : पड़ोसी देश नेपाल में हाल के दिनों में बने राजनीतिक हालातों ने भारत की सीमावर्ती सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। खासतौर पर उत्तराखंड, जिसकी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा नेपाल से लगती है, में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने गंभीर मंथन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, एडीजी इंटेलिजेंस, कुमाऊं कमिश्नर, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं तथा चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान मौजूद रहे।
नेपाल में बार-बार बदलती सरकारें, दलगत अस्थिरता और सीमाई इलाकों में बढ़ती गतिविधियों पर भारत की सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। उत्तराखंड की सीमाएं कई स्थानों पर बेहद संवेदनशील हैं, जहां जनजीवन दोनों ओर से गहराई तक जुड़ा हुआ है। इन हालातों में किसी भी प्रकार की असामाजिक या बाहरी गतिविधि का असर सीधे सीमा पार बसे भारतीय गांवों पर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में स्पष्ट किया कि नेपाल की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में खुफिया तंत्र को और सक्रिय करने, संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी निगाह रखने तथा आवश्यकतानुसार सुरक्षा बलों की तैनाती को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीमा चौकियों की निगरानी बढ़ाने, सीमावर्ती गांवों में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने और स्थानीय लोगों को सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल की पारंपरिक मित्रता और सामाजिक-सांस्कृतिक रिश्ते अमूल्य हैं, लेकिन सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।




