Uttarakhand Gas Supply Update: 6-Day Backlog Amid Panic Booking
देहरादून, 07 April 2026 । उत्तराखंड में घरेलू गैस आपूर्ति को लेकर राहत भरी स्थिति सामने आई है। तेल कंपनियों का दावा है कि प्रदेश में गैस सप्लाई फिलहाल सामान्य बनी हुई है, हालांकि उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में कुछ देरी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी मुख्य वजह बढ़ती मांग और पैनिक बुकिंग को माना जा रहा है।
इंडियन ऑयल के डिवीजनल रिटेल सेल्स हेड कृष्ण कुमार गुप्ता के अनुसार, राज्य में इस समय मांग के मुकाबले लगभग 85 प्रतिशत गैस आपूर्ति की जा रही है। बावजूद इसके करीब छह दिन का बैकलॉग बना हुआ है, यानी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बुकिंग के लगभग छह दिन बाद मिल पा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति लगातार सुधार की ओर है और आपूर्ति को संतुलित करने के प्रयास जारी हैं।
गुप्ता ने बताया कि गैस वितरण प्रणाली में भी पारदर्शिता बढ़ी है। अब लगभग 85 प्रतिशत सिलेंडर की डिलीवरी डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) के माध्यम से की जा रही है, जबकि पहले यह आंकड़ा करीब 54 प्रतिशत था। इससे फर्जी डिलीवरी और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिली है।
उन्होंने बैकलॉग बढ़ने के पीछे उपभोक्ताओं की पैनिक बुकिंग को बड़ा कारण बताया। कई लोग जरूरत से पहले ही गैस बुक करा रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। इसके अलावा कुछ मामलों में डिलीवरी के समय उपभोक्ताओं के पास खाली सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने से भी वितरण प्रभावित हुआ है।
हर महीने 18 लाख सिलेंडरों की खपत
प्रदेश में गैस की खपत का आंकड़ा भी काफी बड़ा है। जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में तीनों तेल कंपनियों के कुल लगभग 28 लाख उपभोक्ता हैं और हर महीने करीब 18 लाख सिलेंडरों की खपत होती है। हालात सामान्य होने का उदाहरण देते हुए बताया गया कि रविवार को 34 हजार गैस बुकिंग दर्ज की गईं, जबकि 27 हजार सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।
पेट्रोल-डीजल की सप्लाई भी सामान्य
तेल कंपनियों के अनुसार, राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। प्रदेश में कुल 978 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां हर महीने करीब 60 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 75 हजार किलोलीटर डीजल की खपत होती है। मार्च महीने में राज्य को पेट्रोल की दो प्रतिशत और डीजल की छह प्रतिशत अतिरिक्त आपूर्ति भी की गई।
वार रूम से निगरानी
स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए केंद्र सरकार स्तर पर वार रूम बनाया गया है। यहां रोजाना आपूर्ति और मांग की समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।




