Dehradun, 2 May 2026। उत्तराखंड में विकसित चारधाम यात्रा मॉनिटरिंग मॉडल अब अन्य पर्वतीय राज्यों के लिए मिसाल बनता जा रहा है। इसी क्रम में Himachal Pradesh ने इस तकनीक आधारित प्रणाली को लागू करने का निर्णय लिया है। इससे धार्मिक यात्राओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ आपदा प्रबंधन में बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा।
गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री Jagat Singh Negi ने Uttarakhand State Disaster Management Authority का दौरा कर यहां की व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन किया। उन्होंने चारधाम यात्रा के लिए अपनाई गई मॉनिटरिंग प्रणाली को प्रभावी बताते हुए कहा कि यह आधुनिक तकनीक और समन्वित प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
दौरे के दौरान मंत्री ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से Kedarnath Temple यात्रा की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम, भीड़ नियंत्रण, मौसम पूर्वानुमान और मार्गों की निरंतर निगरानी जैसी व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस मॉडल से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो पाई है।
इस मौके पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव Vinod Kumar Suman ने प्राधिकरण द्वारा विकसित तकनीकी नवाचारों, ‘भूदेव’ एप और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन पहलों के जरिए राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता लगातार सुदृढ़ की जा रही है।
मंत्री ने तहसील स्तर पर गठित क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को आपदा प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ये टीमें आपदा की प्रारंभिक अवस्था में त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करती हैं। साथ ही भूस्खलन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए उत्तराखंड और हिमाचल के बीच साझा रणनीति विकसित करने पर भी बल दिया गया।
धार्मिक यात्राओं में होगा मॉडल का उपयोग
हिमाचल प्रदेश में अब Manimahesh Lake, Kinner Kailash और Shrikhand Mahadev जैसी चुनौतीपूर्ण धार्मिक यात्राओं के दौरान इस मॉनिटरिंग प्रणाली को लागू किया जाएगा। इससे जोखिम में कमी आएगी और श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित यात्रा अनुभव मिल सकेगा।
हिमाचल भी अपनाएगा चारधाम यात्रा मॉनिटरिंग मॉडल
Leave a comment
Leave a comment




