Dehradun, 18 july 2026। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में गढ़वाली सिनेमा ने इतिहास रचते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। संविधान की आठवीं अनुसूची से बाहर की भाषाओं की श्रेणी में गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का रजत कमल (सिल्वर लोटस) पुरस्कार प्रदान किया गया है। इस सम्मान ने न केवल उत्तराखंड के क्षेत्रीय सिनेमा को नई ऊंचाई दी है, बल्कि गढ़वाली भाषा और लोक संस्कृति को भी राष्ट्रीय मंच पर मजबूत पहचान दिलाई है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वर्ष 2024 में प्रदर्शित फिल्मों के लिए दिए गए हैं। इनमें गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ का सम्मान उत्तराखंड के फिल्म जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से सीमित संसाधनों में काम कर रहे क्षेत्रीय फिल्मकारों और कलाकारों के लिए यह पुरस्कार नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला माना जा रहा है।
फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से गढ़वाली फिल्मों को देशभर में अधिक दर्शक मिलेंगे और स्थानीय भाषा, लोककथाओं, परंपराओं तथा सांस्कृतिक विरासत पर आधारित फिल्मों के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे उत्तराखंड के युवा फिल्मकारों और कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
इसी समारोह में हिंदी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान यामी गौतम को मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार कार्तिक आर्यन (चंदू चैंपियन) और ममूटी (ब्रमायुगम) को संयुक्त रूप से प्रदान किया जाएगा। वहीं राजकुमार राव अभिनीत फिल्म ‘श्रीकांत’ को भी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ को मिला यह सम्मान उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, क्षेत्रीय भाषाओं और लोक सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है, जो आने वाले समय में राज्य के फिल्म उद्योग को नई दिशा और पहचान देने का काम करेगा।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में गूंजी गढ़वाली, ‘ढोली’ ने जीता रजत कमल
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