By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: सभी आपातकालीन सेवाओं के लिए अब एक ही नंबर 112, उत्तराखंड में नई व्यवस्था की तैयारी
Share
Notification Show More
Latest News
AI, ड्रोन और कैमरा ट्रैप से होगी जंगलों की चौकसी, धामी ने दिए हाईटेक निगरानी के निर्देश
उत्तराखंड
बाघों की सुरक्षा का नया कवच: राजाजी टाइगर रिजर्व में बनेगी टाइगर टास्क फोर्स
उत्तराखंड
ऋषिकेश बनेगा आइकॉनिक सिटी
उत्तराखंड
गढ़वाल की विरासत का नया पता बनेगा पौड़ी का ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट, अंतिम चरण में जीर्णोद्धार
उत्तराखंड
उत्तराखंड में ग्रीन रेल युग की शुरुआत
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > सभी आपातकालीन सेवाओं के लिए अब एक ही नंबर 112, उत्तराखंड में नई व्यवस्था की तैयारी
उत्तराखंड

सभी आपातकालीन सेवाओं के लिए अब एक ही नंबर 112, उत्तराखंड में नई व्यवस्था की तैयारी

Web Editor
Last updated: 2026/07/23 at 4:27 PM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

Dehradun, 23 july 2026। उत्तराखंड में आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था को अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जल्द ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों का विलय एकीकृत हेल्पलाइन 112 में किया जाएगा। इसके बाद किसी भी आपात स्थिति में लोगों को अलग-अलग नंबर याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल 112 पर कॉल करते ही जरूरत के अनुसार संबंधित विभाग तक सूचना स्वतः पहुंच जाएगी।

गुरुवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित ट्रॉमा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी हेल्पलाइन सेवाओं का तकनीकी और परिचालन स्तर पर जल्द से जल्द 112 से एकीकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक इसके बारे में जागरूक हो और आवश्यकता पड़ने पर इसका लाभ उठा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटना के मामलों में समय पर सहायता मिलना सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसलिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य बिना देरी के शुरू हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हेल्पलाइन एकीकरण से आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और नागरिकों को तेजी से सहायता मिल सकेगी।

बैठक में गुड सेमेरिटन शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत राज्य स्तर पर महानिदेशक स्वास्थ्य को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जबकि जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। सभी जिलों में हर महीने समीक्षा बैठक आयोजित होगी और उसकी रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।

सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़ों और उपचार व्यवस्था को वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधित करने के लिए राज्य स्तरीय ट्रॉमा रजिस्ट्री भी स्थापित की जाएगी। परिवहन विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया गया है। यह प्रणाली राज्य के सभी अस्पतालों से जुड़ी होगी और आगे चलकर राष्ट्रीय ट्रॉमा रजिस्ट्री से भी एकीकृत की जाएगी। साथ ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए पीएम-राहत योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव विनीत कुमार, रोहित मीणा, तृप्ति भट्ट, संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बॉक्स: बिना मानवीय हस्तक्षेप के मिलेगा त्वरित रिस्पॉन्स

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ऐसी ऑटोमैटिक रिस्पॉन्स प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें 112 पर कॉल आते ही संबंधित विभाग को स्वतः सूचना पहुंच जाए। इससे मदद भेजने में लगने वाला समय कम होगा और आपात स्थिति में लोगों को तेजी से राहत मिल सकेगी।

बॉक्स: सभी एम्बुलेंस होंगी 112 से रियल टाइम जुड़ी

राज्य की सभी सरकारी और निजी एम्बुलेंसों में एआईएस-125 मानकों के अनुरूप उपकरण, जीपीएस और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाना अनिवार्य किया जाएगा। इन एम्बुलेंसों को हेल्पलाइन 112 से रियल टाइम जोड़ा जाएगा, ताकि कॉल मिलते ही सबसे नजदीकी एम्बुलेंस को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया जा सके।

You Might Also Like

AI, ड्रोन और कैमरा ट्रैप से होगी जंगलों की चौकसी, धामी ने दिए हाईटेक निगरानी के निर्देश

बाघों की सुरक्षा का नया कवच: राजाजी टाइगर रिजर्व में बनेगी टाइगर टास्क फोर्स

ऋषिकेश बनेगा आइकॉनिक सिटी

गढ़वाल की विरासत का नया पता बनेगा पौड़ी का ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट, अंतिम चरण में जीर्णोद्धार

उत्तराखंड में ग्रीन रेल युग की शुरुआत

TAGGED: Uttarakhand to Merge All Emergency Helpline Numbers into 112
Web Editor July 23, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article सुधरेगी देहरादून-ऋषिकेश-काशीपुर की हवा
Next Article उत्तराखंड में ग्रीन रेल युग की शुरुआत
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

AI, ड्रोन और कैमरा ट्रैप से होगी जंगलों की चौकसी, धामी ने दिए हाईटेक निगरानी के निर्देश
उत्तराखंड July 24, 2026
बाघों की सुरक्षा का नया कवच: राजाजी टाइगर रिजर्व में बनेगी टाइगर टास्क फोर्स
उत्तराखंड July 24, 2026
ऋषिकेश बनेगा आइकॉनिक सिटी
उत्तराखंड July 24, 2026
गढ़वाल की विरासत का नया पता बनेगा पौड़ी का ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट, अंतिम चरण में जीर्णोद्धार
उत्तराखंड July 23, 2026

Recent Posts

  • AI, ड्रोन और कैमरा ट्रैप से होगी जंगलों की चौकसी, धामी ने दिए हाईटेक निगरानी के निर्देश
  • बाघों की सुरक्षा का नया कवच: राजाजी टाइगर रिजर्व में बनेगी टाइगर टास्क फोर्स
  • ऋषिकेश बनेगा आइकॉनिक सिटी
  • गढ़वाल की विरासत का नया पता बनेगा पौड़ी का ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट, अंतिम चरण में जीर्णोद्धार
  • उत्तराखंड में ग्रीन रेल युग की शुरुआत

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,400)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,258)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,756)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,709)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,503)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?