Dehradun, 26 August 2026। देश की दो प्रमुख कुंभ नगरियां अब एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए सीधे जुड़ने की दिशा में बढ़ रही हैं। प्रयागराज और हरिद्वार के बीच तेज और नियंत्रित सड़क संपर्क विकसित होगा। गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार को उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंजूरी मिलने के बाद इस कनेक्टिविटी का रास्ता साफ हो गया है। उत्तराखंड सरकार पहले ही हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार पर सहमति दे चुकी है।
गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने के बाद प्रयागराज से हरिद्वार तक एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा दोनों धार्मिक नगरियों के बीच आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलने की उम्मीद है। कुंभ और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान दोनों शहरों के बीच यातायात को सुगम बनाने में भी यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
दो कुंभ नगरियों को मिलेगा नया सड़क कॉरिडोर
प्रयागराज और हरिद्वार दोनों ही गंगा तट पर बसे देश के प्रमुख धार्मिक केंद्र हैं और कुंभ मेले के आयोजन के कारण इनकी धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है। ऐसे में दोनों शहरों के बीच एक्सप्रेसवे कनेक्शन केवल परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार से प्रयागराज से हरिद्वार तक प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित होगा। इससे लंबी दूरी की यात्रा में समय की बचत और सड़क परिवहन की गति बढ़ने की उम्मीद है।
हरिद्वार तक छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा। इसे छह लेन का बनाया जाएगा और भविष्य में यातायात की जरूरत के अनुसार आठ लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान रहेगा। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 10,761 करोड़ रुपये बताई गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद अब परियोजना की डीपीआर तैयार करने सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जाएंगी।
बिजनौर भी बनेगा इस कनेक्टिविटी का अहम हिस्सा
गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से बिजनौर को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में बिजनौर से हरिद्वार के लिए मुख्य रूप से एनएच-34 का इस्तेमाल किया जाता है। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद बिजनौर की हरिद्वार के साथ कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
साथ ही बिजनौर को गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों और लखनऊ से बेहतर संपर्क मिलेगा। इससे व्यापार, निवेश, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
धार्मिक पर्यटन को मिल सकता है बड़ा लाभ
प्रयागराज और हरिद्वार के बीच एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी बनने से दोनों कुंभ नगरियों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर तैयार हो सकता है। श्रद्धालुओं के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के लिए दोनों शहरों तक पहुंच आसान होगी।
बेहतर कनेक्टिविटी का असर होटल, परिवहन, खान-पान, लॉजिस्टिक्स और अन्य पर्यटन आधारित कारोबार पर भी पड़ने की उम्मीद है। इस तरह प्रयागराज-हरिद्वार एक्सप्रेसवे संपर्क धार्मिक यात्रा के साथ-साथ दोनों राज्यों की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देने वाला साबित हो सकता है।




