Dehradun, 30 August2026। उत्तराखंड में मदरसों को लेकर सरकार ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट करते हुए मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम लागू नहीं करने वाले संस्थानों पर सख्ती के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम का पालन नहीं करने वाले मदरसों को बंद किया जाएगा। ऐसे संस्थानों को किसी भी स्तर पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संचालित प्रत्येक शिक्षण संस्थान के लिए निर्धारित शैक्षिक मानकों और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम नहीं अपनाने वाले मदरसों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और इस रुख में कोई बदलाव नहीं है।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर सरकार का विशेष जोर है। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
कथित बयान की भी होगी जांच
मौलवी जाहिद रजा के कथित बयान को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उसमें इस्तेमाल भाषा और इतिहास से जुड़े संदर्भों की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी बयान के माध्यम से अराजकता, दंगा अथवा सामाजिक अशांति भड़काने का प्रयास सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकार सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बाक्स: 13 हजार एकड़ भूमि अतिक्रमण से मुक्त
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को भी सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 13 हजार एकड़ भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है। अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन को कानून के दायरे में रहते हुए अवैध कब्जों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।




