By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: कार्बेट-राजाजी में हाईटेक निगरानी के बीच होगी सफारी
Share
Notification Show More
Latest News
पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से शुरू होंगे एमबीबीएस के दाखिले: धामी
उत्तराखंड
टिहरी में हेंवल नदी पुनर्जीवन मॉडल से पीएम मोदी अभिभूत 
उत्तराखंड
माणा पास से औली तक दौड़ेंगे धावक, मई में होगी 100 माइल्स हिमालयन अल्ट्रा रन
उत्तराखंड
उत्तराखंड में बनेगा स्प्रिंग एटलस, अब तक 46,358 जलस्रोतों की गणना
उत्तराखंड
केदारनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर की बौराड़ी स्टेडियम में इमर्जेंसी लैंडिंग
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > कार्बेट-राजाजी में हाईटेक निगरानी के बीच होगी सफारी
उत्तराखंड

कार्बेट-राजाजी में हाईटेक निगरानी के बीच होगी सफारी

Web Editor
Last updated: 2026/09/11 at 1:23 AM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

हर जिप्सी पर जीपीएस से नजर, गेट से लेकर जंगल के संवेदनशील इलाकों तक लगेंगे सीसीटीवी; सफारी में मोबाइल पर रहेगी सख्ती

 

Dehradun. 11 September 2026: कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में इस बार जंगल सफारी सिर्फ रोमांच नहीं, बल्कि हाईटेक निगरानी के घेरे में होगी। 15 नवंबर से शुरू होने वाले नए पर्यटन सत्र में वन विभाग ने पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की है। दोनों टाइगर रिजर्व के पर्यटन जोन में चलने वाली सभी जिप्सियों को जीपीएस से लैस किया जाएगा। इससे वन विभाग हर जिप्सी की लोकेशन पर नजर रख सकेगा और यह भी पता चलेगा कि वाहन निर्धारित ट्रैक से बाहर तो नहीं जा रहा।

सिर्फ जिप्सियों की निगरानी तक व्यवस्था सीमित नहीं रहेगी। सभी प्रमुख पर्यटन गेटों के साथ जंगल के संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जरूरत के मुताबिक ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी। इस पूरी व्यवस्था का मकसद सफारी के दौरान नियमों का उल्लंघन रोकने के साथ वन्यजीवों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

 

मोबाइल निकालने पर भी रहेगी नजर

सफारी के दौरान पर्यटकों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर लागू प्रतिबंध को इस बार सख्ती से लागू कराया जाएगा। वन्यजीवों के करीब पहुंचते ही कई पर्यटक फोटो और वीडियो बनाने के लिए मोबाइल निकाल लेते हैं और जिप्सी रुकवाने का प्रयास करते हैं। इससे सफारी व्यवस्था प्रभावित होने के साथ वन्यजीवों के स्वाभाविक व्यवहार में भी खलल पड़ सकता है। अचानक वाहन रुकने या पर्यटकों के असावधान होने से सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ता है। ऐसे में वन विभाग नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतने की तैयारी में है।

हर जिप्सी की गतिविधि होगी रिकॉर्ड

कार्बेट टाइगर रिजर्व में करीब 385, जबकि राजाजी टाइगर रिजर्व में करीब 237 जिप्सियां पर्यटन गतिविधियों में संचालित होती हैं। जीपीएस लगने के बाद इन वाहनों की वास्तविक समय में लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी। जिप्सी निर्धारित रूट पर चल रही है या नहीं, कितनी देर किसी स्थान पर रुकी और कहीं प्रतिबंधित क्षेत्र में तो नहीं गई, इसकी निगरानी आसान होगी। नियम तोड़ने वाली जिप्सियों की पहचान भी जीपीएस रिकॉर्ड के आधार पर की जा सकेगी।

अक्टूबर में दुरुस्त होंगे सफारी ट्रैक

वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त हुए सफारी ट्रैक को पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए अक्टूबर में ट्रैक की मरम्मत का काम प्रस्तावित है। कार्बेट में जिप्सियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि राजाजी में सितंबर के अंत तक पंजीकरण शुरू होने की उम्मीद है। विभाग का प्रयास है कि 15 नवंबर से पहले दोनों टाइगर रिजर्व के पर्यटन जोन में जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं।

 

चालक और गाइडों को मिलेगा प्रशिक्षण

 

सफारी व्यवस्था में चालक और नेचर गाइड की भूमिका भी अहम होगी। पर्यटकों को जंगल के नियमों का पालन कराने के साथ वन्यजीवों के व्यवहार और सुरक्षित दूरी की जानकारी देने की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर रहेगी। इसलिए दोनों टाइगर रिजर्व में चालकों और नेचर गाइडों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण सितंबर के अंत या अक्टूबर के पहले पखवाड़े में कराया जाएगा।

कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला और राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोको रोसे के अनुसार नए पर्यटन सत्र में निगरानी व्यवस्था को तकनीक से मजबूत किया जा रहा है। जीपीएस, सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी के साथ प्रशिक्षित चालक व गाइड तैनात रहने से सफारी को अधिक सुरक्षित, अनुशासित और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

You Might Also Like

पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से शुरू होंगे एमबीबीएस के दाखिले: धामी

टिहरी में हेंवल नदी पुनर्जीवन मॉडल से पीएम मोदी अभिभूत 

माणा पास से औली तक दौड़ेंगे धावक, मई में होगी 100 माइल्स हिमालयन अल्ट्रा रन

उत्तराखंड में बनेगा स्प्रिंग एटलस, अब तक 46,358 जलस्रोतों की गणना

केदारनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर की बौराड़ी स्टेडियम में इमर्जेंसी लैंडिंग

TAGGED: 000 engines of the railway will be equipped with CCTV cameras, Corbett & Rajaji Safari: High-Tech Monitoring with GPS
Web Editor September 11, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article अब लाल चौक पर शान से लहराता है तिरंगा : नितिन नवीन
Next Article शरीर की हरकत से बिजली बनाएगा स्मार्ट बैंडेज, घाव भरने में मिलेगी मदद
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से शुरू होंगे एमबीबीएस के दाखिले: धामी
उत्तराखंड October 25, 2026
टिहरी में हेंवल नदी पुनर्जीवन मॉडल से पीएम मोदी अभिभूत 
उत्तराखंड October 25, 2026
माणा पास से औली तक दौड़ेंगे धावक, मई में होगी 100 माइल्स हिमालयन अल्ट्रा रन
उत्तराखंड October 25, 2026
उत्तराखंड में बनेगा स्प्रिंग एटलस, अब तक 46,358 जलस्रोतों की गणना
उत्तराखंड October 24, 2026

Recent Posts

  • पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से शुरू होंगे एमबीबीएस के दाखिले: धामी
  • टिहरी में हेंवल नदी पुनर्जीवन मॉडल से पीएम मोदी अभिभूत 
  • माणा पास से औली तक दौड़ेंगे धावक, मई में होगी 100 माइल्स हिमालयन अल्ट्रा रन
  • उत्तराखंड में बनेगा स्प्रिंग एटलस, अब तक 46,358 जलस्रोतों की गणना
  • केदारनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर की बौराड़ी स्टेडियम में इमर्जेंसी लैंडिंग

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे (18,161)
  • पहाड़ के स्वाद ने पार किया छह करोड़ का आंकड़ा, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ बना नया बाजार (17,651)
  • क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी (17,273)
  • दुनियाभर में होगी उत्तराखंड के सेब की ब्राडिंग  (16,569)
  • चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी (16,332)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?