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Reading: अब लाल चौक पर शान से लहराता है तिरंगा : नितिन नवीन
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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > अब लाल चौक पर शान से लहराता है तिरंगा : नितिन नवीन
उत्तराखंड

अब लाल चौक पर शान से लहराता है तिरंगा : नितिन नवीन

Web Editor
Last updated: 2026/09/10 at 5:05 PM
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4 Min Read
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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूर्व सैनिक सम्मेलन में कहा- मजबूत नेतृत्व और जवानों के पराक्रम से बदली देश की तस्वीर

Dehradun,  10 September 2026। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि देश की सीमाओं पर विपरीत परिस्थितियों के बीच डटे सैनिकों के अदम्य साहस और मजबूत नेतृत्व ने भारत के आत्मविश्वास को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि एक समय कश्मीर के लाल चौक पर पाकिस्तान का झंडा देखकर देशवासियों का सिर शर्म से झुक जाता था, लेकिन आज उसी लाल चौक पर पूरे गौरव के साथ तिरंगा लहरा रहा है। यह केवल बदलाव की तस्वीर नहीं, बल्कि देश की बदली सुरक्षा नीति, मजबूत इच्छाशक्ति और सैनिकों के बढ़े मनोबल का प्रमाण है।

 

हल्द्वानी में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि सैनिक देश की सुख-शांति और स्वतंत्रता की सबसे मजबूत नींव हैं। सीमाओं पर जवान कठिन परिस्थितियों में मोर्चा संभालते हैं, तभी देश के करोड़ों नागरिक सुरक्षित वातावरण में अपना जीवन आगे बढ़ा पाते हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक सेवा से निवृत्त हो सकता है, लेकिन उसके भीतर राष्ट्रप्रेम और देश के लिए कुछ करने का जज्बा कभी समाप्त नहीं होता।

 

लाल चौक का अनुभव किया साझा

 

भाजपा अध्यक्ष ने अपने कश्मीर दौरे का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2011 में राष्ट्रीय एकता यात्रा के दौरान जब वह लाल चौक पहुंचे थे, तब वहां पाकिस्तान का झंडा देखकर उन्हें गहरी पीड़ा हुई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश के नेतृत्व और सोच में व्यापक बदलाव आया। आज लाल चौक पर तिरंगा शान से लहराता है तो इससे हर भारतीय के साथ सैनिकों का भी सीना गर्व से चौड़ा होता है।

 

सीमाओं तक पहुंचा बेहतर संपर्क

 

नवीन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत सड़क और संचार नेटवर्क ने सीमाओं पर तैनात जवानों की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में तवांग के बोमला सीमा क्षेत्र का दौरा करने के दौरान उन्होंने वहां सड़कों की खराब स्थिति देखी थी। इसके बाद सीमावर्ती क्षेत्रों तक सड़क संपर्क मजबूत करने पर तेजी से काम हुआ।

 

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों को लेकर सोच भी बदली है। पहले जिन गांवों को देश के ‘अंतिम गांव’ कहा जाता था, अब उन्हें ‘प्रथम गांव’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिली है।

 

वीरों की भूमि है उत्तराखंड

 

नवीन ने कुमाऊं रेजीमेंट के ध्येय वाक्य ‘पराक्रमो विजयते’ का उल्लेख करते हुए रेजांग ला के वीर मेजर शैतान सिंह और 13 कुमाऊं के जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान वीर सैनिकों की भूमि के रूप में है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उत्तराखंड को ‘पंचम धाम’ के रूप में सम्मानित करना प्रदेश के सैन्य योगदान की बड़ी पहचान है।

 

उन्होंने पूर्व सैनिकों के सम्मान से जुड़े वन रैंक वन पेंशन के फैसले को भी महत्वपूर्ण बताया। कहा कि सैनिकों का सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके अधिकारों और सुविधाओं के रूप में भी दिखाई देना चाहिए।मुख्य एंगल: लाल चौक पर तिरंगे की शान से लेकर सीमाओं तक मजबूत सड़क नेटवर्क—नितिन नवीन ने सैनिकों के पराक्रम और बदलते भारत की तस्वीर को पूर्व सैनिक सम्मेलन में रेखांकित किया।

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Web Editor September 10, 2026
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