Uttarakhand Government Cracks Down on Fake Medicines in Rishikesh & Haridwar
– Uttarakhand fake medicine crackdown : खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन को मिली गंभीर अनियमितताएं
– हरिद्वार की पांच फर्मों के लाइसेंस होंगे निरस्त, दो फर्मां पर दवा बिक्री पर रोक
Uttarakhand fake medicine crackdown : देहरादून, 08 अगस्त 2025: उत्तराखंड में नकली और घटिया दवाओं के खिलाफ प्रदेश सरकार का सख्त अभियान जारी है। इसी कड़ी में, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की क्विक रिस्पांस टीमों ने गुरुवार को ऋषिकेश और हरिद्वार में नौ औषधि विक्रेता फर्मों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई की।
एफडीए ने अनियमितताओं के आधार पर चार जन औषधि केंद्रों और एक अन्य दवा विक्रेता प्रतिष्ठान पर दवा की खरीद-बिक्री तुरंत रोक दी है। इसके साथ ही, इनके लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भी की गई है। इसके अलावा, दो अन्य प्रतिष्ठानों पर भी दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है और उन्हें बंद करा दिया गया है।
यह अभियान एफडीए आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देश पर चलाया जा रहा है, जिन्होंने प्रदेश में नकली दवाओं पर लगाम लगाने के लिए क्विक रिस्पांस टीमों का गठन किया है। ये टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। गुरुवार की कार्रवाई में ज्वालापुर और कनखल में स्थित चार जन औषधि केंद्रों और एक अन्य औषधि प्रतिष्ठान में बड़ी अनियमितताएं सामने आईं। वहीं, ऋषिकेश के नेपाली फार्म और आसपास के क्षेत्रों में दो फर्मों में भी कमियां पाई गईं, जिनके कारण उनकी दुकानों को बंद कर दिया गया और स्पष्टीकरण मांगा गया है।
एफडीए की टीम में सहायक औषधि नियंत्रक डॉ. सुधीर कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनिता भारती, और औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा, विनोद जगुड़ी, हरीश सिंह, निधि रतूड़ी काला, मेघा शामिल थे। इस तरह की कार्रवाई से स्पष्ट है कि सरकार प्रदेश में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शने के मूड में नहीं है।




