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Reading: रेड श्रेणी उद्योगों को 90 दिन में मिलेगी पर्यावरणीय मंजूरी
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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > रेड श्रेणी उद्योगों को 90 दिन में मिलेगी पर्यावरणीय मंजूरी
उत्तराखंड

रेड श्रेणी उद्योगों को 90 दिन में मिलेगी पर्यावरणीय मंजूरी

Web Editor
Last updated: 2026/01/31 at 3:17 AM
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3 Min Read
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Red Category Industries to Get Environmental Clearance in 90 Days | India

देहरादून, 31 जनवरी 2026। केंद्र सरकार ने औद्योगिक परियोजनाओं की पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब ‘रेड श्रेणी’ में आने वाले उद्योगों को पर्यावरण मंजूरी अधिकतम 90 दिनों के भीतर दी जाएगी। पहले यह समय सीमा 120 दिन थी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से उद्योगों को अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी, जबकि पर्यावरण सुरक्षा के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पर्यावरण लेखापरीक्षा नियम, 2025 के तहत एक और अहम सुधार किया गया है। इसके अनुसार अब प्रमाणित और पंजीकृत पर्यावरण लेखापरीक्षक भी उद्योगों के निरीक्षण के लिए अधिकृत होंगे। इससे निरीक्षण और जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से मजबूत और भरोसेमंद बनेगी।
वायु प्रदूषण अधिनियम और जल प्रदूषण अधिनियम के अंतर्गत सहमति (कंसेंट) प्रक्रिया में किए गए इन बदलावों का उद्देश्य उद्योगों को समय पर अनुमति देना, प्रक्रियागत जटिलताओं को कम करना और साथ ही पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना है।
रेड श्रेणी के उद्योग ऐसे माने जाते हैं, जिनसे वायु, जल और मिट्टी प्रदूषण का जोखिम सबसे अधिक होता है। इसी कारण इनके लिए अब तक सख्त और लंबी मंजूरी प्रक्रिया लागू रही है। समय सीमा घटाकर 90 दिन करने से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, लेकिन निगरानी व्यवस्था पहले की तरह सख्त बनी रहेगी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार इन उद्योगों का नियमित पर्यावरण ऑडिट कराया जाएगा, जिसके लिए पंजीकृत पर्यावरण ऑडिटर नियुक्त किए जाएंगे। ये विशेषज्ञ प्रदूषण स्तर, अपशिष्ट प्रबंधन और नियमों के अनुपालन की निष्पक्ष व वैज्ञानिक जांच करेंगे। इससे राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों पर कार्यभार भी कम होगा और वे गंभीर मामलों पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान दे सकेंगे।
सरकार का मानना है कि समय सीमा में कटौती और स्वतंत्र लेखापरीक्षकों की भूमिका से मंजूरी प्रक्रिया तेज़ होने के साथ-साथ अधिक जवाबदेह बनेगी। इसे उद्योग विकास और पर्यावरण सुरक्षा के बीच संतुलन साधने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार बताया जा रहा है।
बॉक्स : रेड श्रेणी के उद्योग
रेड श्रेणी में वे उद्योग शामिल होते हैं, जिनसे पर्यावरण को सबसे अधिक प्रदूषण का खतरा होता है। इनमें थर्मल पावर प्लांट, सीमेंट फैक्ट्रियां, स्टील प्लांट, पेट्रोकेमिकल इकाइयां, रिफाइनरी, कागज व पल्प उद्योग, उर्वरक कारखाने, रासायनिक उद्योग, डाई और पेंट इकाइयां, चमड़ा (टेनरी) उद्योग, चीनी मिलें, डिस्टिलरी, खनन परियोजनाएं और बड़ी फार्मास्युटिकल इकाइयां शामिल हैं।

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TAGGED: introducing certified environmental auditors to ensure transparency and environmental protection., The central government has reduced the environmental clearance timeline for red category industries from 120 to 90 days
Web Editor January 31, 2026
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साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

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