International Yoga Festival Rishikesh Sees 1500 Participants from 80 Countries
ऋषिकेश, 15 March 2026 । गंगा तट स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का छठा दिन विश्वभर से आए प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष महोत्सव में 80 देशों से आए लगभग 1500 से अधिक प्रतिभागी योग, आध्यात्मिक साधना और वैश्विक कल्याण के साझा संकल्प के साथ शामिल हुए। दुनिया के विभिन्न देशों से आए योग साधकों, शिक्षकों और विद्वानों की उपस्थिति ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
परम पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती और पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती के मार्गदर्शन में आयोजित यह महोत्सव भारत सरकार के आयुष मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। छठे दिन का मुख्य आकर्षण “भारत, सनातन योग—परंपरा के संरक्षण और विरासत का संरक्षण” विषय पर आयोजित विशेष आध्यात्मिक प्लेनरी सत्र रहा। इस सत्र में विश्व के प्रमुख योगाचार्यों और विद्वानों ने योग की प्रामाणिक परंपरा को संरक्षित रखने और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने पर विचार साझा किए।
महोत्सव की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब 11 देशों के राजनयिकों, जिनमें कई राजदूत और उच्चायुक्त शामिल थे, ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि योग केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर ही नहीं बल्कि वैश्विक एकता और मानव कल्याण का माध्यम भी है।
दिन की शुरुआत पवित्र अग्नि यज्ञ और हवन से हुई, जिसका नेतृत्व स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती ने किया। इसमें विश्व शांति, स्वास्थ्य और सामंजस्य के लिए प्रार्थना की गई। इसके बाद प्रतिभागियों ने हठ योग, कुंडलिनी योग, सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और ध्यान जैसे अनेक योग अभ्यासों में भाग लिया।
छठे दिन का एक विशेष आकर्षण साध्वी भगवती सरस्वती के 54वें जन्मदिवस का उत्सव भी रहा, जिसे अंतरराष्ट्रीय योग परिवार ने हर्षोल्लास के साथ मनाया।
आयोजकों के अनुसार महोत्सव अब अपने समापन की ओर बढ़ रहा है और इसका समापन समारोह राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन योग के माध्यम से विश्व में शांति, संतुलन और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश देने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।




