Uttarakhand Plans Wedding Destination Policy to Boost Tourism and Investment
देहरादून, 07 April 2026। उत्तराखंड को देश के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार एक व्यापक नीति तैयार कर रही है। प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व और शांत वातावरण से समृद्ध प्रदेश को संगठित तरीके से वेडिंग इंडस्ट्री के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रस्तावित नीति के तहत सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे निवेशकों और आयोजकों को अनुमति प्रक्रियाओं में आसानी होगी। इसके साथ ही होटल, होमस्टे और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को प्रोत्साहन देने की योजना है। सरकार का फोकस इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी है। पर्यावरण संरक्षण को भी नीति का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है, ताकि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहे।
राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उत्तराखंड के लिए दीर्घकालिक विकास का विजन साझा करते हुए ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में प्रदेश की पहचान बनाने पर जोर दिया था। उन्होंने ‘वेड इन इंडिया’ अभियान के माध्यम से देश में ही विवाह आयोजन को बढ़ावा देने की अपील की थी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
प्रदेश के कई स्थान पहले से ही वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में लोकप्रिय हो चुके हैं। रामनगर, देहरादून और ऋषिकेश के साथ ही Triyuginarayan Temple विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यहीं भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, जिसके चलते यहां विवाह कराने के लिए देशभर से जोड़े पहुंच रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर भी वेडिंग इंडस्ट्री तेजी से विस्तार कर रही है और भारत इसका बड़ा बाजार बनकर उभरा है। बदलते ट्रेंड के साथ डेस्टिनेशन वेडिंग की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उत्तराखंड अपनी भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के चलते इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
नए डेस्टिनेशन के रूप में उभरेंगे पहाड़ी क्षेत्र
सरकार ने इस दिशा में चोपता, दुग्गलबिट्ठा, पटवाडांगर और शारदा कॉरिडोर जैसे नए क्षेत्रों को चिन्हित किया है। इन स्थानों पर सड़क, बिजली, पानी, पार्किंग और आवासीय सुविधाओं के विकास पर काम किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान और लोककलाओं को भी विवाह आयोजनों का हिस्सा बनाने की योजना है, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नीति प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो उत्तराखंड आने वाले समय में डेस्टिनेशन वेडिंग के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।




