Gopeswar,02 june 2026। उत्तराखंड की सीमांत घाटियों को साहसिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। चमोली जिले की सामरिक और प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और आर्थिक विकास का नया द्वार बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन दूरस्थ सीमांत गांवों में नई संभावनाओं का संचार कर रहे हैं और स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।
31 मई से 2 जून तक आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के पुरस्कार वितरण समारोह को मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी सोच के तहत आयोजित यह आयोजन पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सीमांत गांवों को देश का अंतिम नहीं बल्कि पहला गांव मानकर विकास योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। इसका सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि नीति घाटी में होमस्टे की संख्या 35 से बढ़कर 450 से अधिक हो गई है, जो इस क्षेत्र में बढ़ती पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी का स्पष्ट संकेत है।
उन्होंने कहा कि नीति घाटी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में आयोजित होने वाले साहसिक खेल आयोजन पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ स्थानीय उत्पादों, संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य कर रहे हैं। इससे स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। सरकार का उद्देश्य पर्यटन विकास को केवल चुनिंदा स्थलों तक सीमित न रखकर सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समुद्र तल से लगभग 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित यह अल्ट्रा रन युवाओं के साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। “नीति घाटी का यह जागरण केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता और विकास की नई इबारत है।”
पर्यटन विभाग, भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस आयोजन में देश के 27 राज्यों से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 5, 10, 21, 42 और 75 किलोमीटर की विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मलारी गांव में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल सहित अन्य अधिकारियों ने विजेताओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता के लिए भारतीय सेना, आईटीबीपी, पर्यटन विभाग और स्थानीय जनता को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में नीति घाटी साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगी और इससे सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।




