Dehradun, 12 September2026। चीन सीमा से जुड़े पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र में बारिश और सैलाब ने एक बार फिर सड़क संपर्क की महत्वपूर्ण कड़ी तोड़ दी है। धारचूला के पास कुलागाड़ नाले पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से तैयार किया गया नया बेली ब्रिज बीती रात करीब 10 बजे अचानक आए तेज सैलाब में बह गया। पुल के बहने से लिपुलेख, तवाघाट, चौदांस, दारमा, जुम्मा, खेला और पांग्ला क्षेत्र का धारचूला से संपर्क पूरी तरह कट गया है। चीन सीमा की ओर जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर पुल टूटने से सीमांत क्षेत्र में आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बताया गया कि रात करीब 10 बजे कुलागाड़ नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के साथ बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा आने लगा। गड़गड़ाहट की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। देखते ही देखते सैलाब ने नए बेली ब्रिज को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों की ओर से बनाए गए वीडियो में पुल का नामोनिशान तक नजर नहीं आ रहा है। बताया जा रहा है कि पानी पुराने पुल के मलबे को भी बहा ले गया। पुल के लोहे के गार्डर तक मौके पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
एक सप्ताह पहले ही तैयार हुआ था पुल
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि बीआरओ ने महज एक सप्ताह पहले पांच सितंबर को अथक प्रयासों के बाद इस नए बेली ब्रिज को तैयार किया था। इतने कम समय में पुल के बह जाने से सीमांत क्षेत्र में सड़क संपर्क की मजबूती और कुलागाड़ में बार-बार आने वाले सैलाब के खतरे पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीण धर्म सिंह धामी, जोगा सिंह, महेश वर्मा, पवन सिंह धामी और नन्दन सिंह धामी के अनुसार वर्ष 2013 से अब तक कुलागाड़ में पांच पुल आपदा की भेंट चढ़ चुके हैं। नया बेली ब्रिज इस क्रम में छठा पुल है, जो तेज बहाव में बह गया।
आदि कैलाश यात्रा पर भी संकट
15 सितंबर से आदि कैलाश यात्रा का दूसरा चरण प्रस्तावित है। ऐसे में पुल टूटने से प्रशासन और बीआरओ की चुनौती बढ़ गई है। एसडीएम धारचूला ने रात करीब 11 बजे बीआरओ और एसएचजी से पुष्टि के बाद पुल बहने की जानकारी दी। राजस्व विभाग की टीम को स्थिति का जायजा लेने और जांच के लिए मौके पर भेजा गया है।




