By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: शरीर की हरकत से बिजली बनाएगा स्मार्ट बैंडेज, घाव भरने में मिलेगी मदद
Share
Notification Show More
Latest News
पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से शुरू होंगे एमबीबीएस के दाखिले: धामी
उत्तराखंड
टिहरी में हेंवल नदी पुनर्जीवन मॉडल से पीएम मोदी अभिभूत 
उत्तराखंड
माणा पास से औली तक दौड़ेंगे धावक, मई में होगी 100 माइल्स हिमालयन अल्ट्रा रन
उत्तराखंड
उत्तराखंड में बनेगा स्प्रिंग एटलस, अब तक 46,358 जलस्रोतों की गणना
उत्तराखंड
केदारनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर की बौराड़ी स्टेडियम में इमर्जेंसी लैंडिंग
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > शरीर की हरकत से बिजली बनाएगा स्मार्ट बैंडेज, घाव भरने में मिलेगी मदद
उत्तराखंड

शरीर की हरकत से बिजली बनाएगा स्मार्ट बैंडेज, घाव भरने में मिलेगी मदद

Web Editor
Last updated: 2026/09/12 at 4:09 PM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

Dehradun, 12 September 2026 । घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में आईआईटी रुड़की के शोधकर्ताओं ने एक नई स्मार्ट तकनीक विकसित की है। इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मोहाली के सहयोग से तैयार यह स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक बैंडेज शरीर की प्राकृतिक गतिविधियों से ऊर्जा हासिल कर विद्युत संकेत पैदा करता है। खास बात यह है कि इसके संचालन के लिए बैटरी, तार या किसी बाहरी बिजली स्रोत की आवश्यकता नहीं पड़ती। शोधकर्ताओं के मुताबिक, तकनीक घाव भरने के लिए आवश्यक विद्युत उत्तेजना उपलब्ध कराने के साथ घाव से निकलने वाले द्रव के प्रबंधन में भी उपयोगी हो सकती है।

इस तकनीक को 3डी मोनोलिथिक इंटीग्रेटेड डाइपोलर-आयोनिक फाइब्रस आर्किटेक्चरल स्कैफोल्ड नाम दिया गया है। बैंडेज की लचीली संरचना शरीर के हिलने-डुलने, चलने या किसी अंग के खिंचने से होने वाली यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करती है। इसकी एक खास विशेषता यह है कि यह अपनी मूल लंबाई की तुलना में करीब 800 प्रतिशत तक खिंच सकता है, जिससे शरीर के विभिन्न हिस्सों की गतिविधियों के दौरान इसके काम करने की क्षमता बनी रहती है।

प्रयोगशाला परीक्षणों में तकनीक के उत्साहजनक परिणाम सामने आए। नियंत्रण समूह की तुलना में बैंडेज से उपचारित नमूनों में करीब तीन गुना अधिक कोशिका प्रसार और 2.5 गुना अधिक कोशिका प्रवासन दर्ज किया गया। ये दोनों प्रक्रियाएं घाव भरने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

13 से 15 दिन में 90-95 प्रतिशत घाव बंद

तकनीक का परीक्षण पशु मॉडल पर भी किया गया। अध्ययन में उपचारित घावों में 13 से 15 दिनों के भीतर करीब 90 से 95 प्रतिशत तक घाव बंद होने के संकेत मिले। साथ ही नई रक्त वाहिकाओं के निर्माण और कोलेजन जमाव में भी वृद्धि दर्ज की गई। शोधकर्ताओं ने चलते-फिरते चूहों पर परीक्षण के दौरान पाया कि बैंडेज उनकी प्राकृतिक गतिविधियों से लगातार विद्युत संकेत उत्पन्न कर सकता है।

इसकी टिकाऊ क्षमता जांचने के लिए 500 बार खिंचाव का परीक्षण किया गया। इसके अलावा तीन महीने तक किए गए लंबे परीक्षण में भी बैंडेज का प्रदर्शन स्थिर पाया गया। शोध के परिणाम नैनो एनर्जी शोध पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।

हालांकि, यह तकनीक अभी मानव उपचार के लिए प्रमाणित नहीं है। चिकित्सा क्षेत्र में नियमित इस्तेमाल से पहले मानवों पर नैदानिक परीक्षण और आवश्यक नियामकीय सत्यापन जरूरी होगा। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि शरीर की गतिविधियों से ऊर्जा हासिल करने वाली यह तकनीक भविष्य में बाहरी ऊर्जा स्रोतों पर कम निर्भर स्मार्ट घाव देखभाल प्रणालियों के विकास का आधार बन सकती है।

You Might Also Like

पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से शुरू होंगे एमबीबीएस के दाखिले: धामी

टिहरी में हेंवल नदी पुनर्जीवन मॉडल से पीएम मोदी अभिभूत 

माणा पास से औली तक दौड़ेंगे धावक, मई में होगी 100 माइल्स हिमालयन अल्ट्रा रन

उत्तराखंड में बनेगा स्प्रिंग एटलस, अब तक 46,358 जलस्रोतों की गणना

केदारनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर की बौराड़ी स्टेडियम में इमर्जेंसी लैंडिंग

Web Editor September 12, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article कार्बेट-राजाजी में हाईटेक निगरानी के बीच होगी सफारी
Next Article पहाड़ों में जाम से राहत की तैयारी, 10 जिलों में 63 पार्किंग परियोजनाएं पूरी
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से शुरू होंगे एमबीबीएस के दाखिले: धामी
उत्तराखंड October 25, 2026
टिहरी में हेंवल नदी पुनर्जीवन मॉडल से पीएम मोदी अभिभूत 
उत्तराखंड October 25, 2026
माणा पास से औली तक दौड़ेंगे धावक, मई में होगी 100 माइल्स हिमालयन अल्ट्रा रन
उत्तराखंड October 25, 2026
उत्तराखंड में बनेगा स्प्रिंग एटलस, अब तक 46,358 जलस्रोतों की गणना
उत्तराखंड October 24, 2026

Recent Posts

  • पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से शुरू होंगे एमबीबीएस के दाखिले: धामी
  • टिहरी में हेंवल नदी पुनर्जीवन मॉडल से पीएम मोदी अभिभूत 
  • माणा पास से औली तक दौड़ेंगे धावक, मई में होगी 100 माइल्स हिमालयन अल्ट्रा रन
  • उत्तराखंड में बनेगा स्प्रिंग एटलस, अब तक 46,358 जलस्रोतों की गणना
  • केदारनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर की बौराड़ी स्टेडियम में इमर्जेंसी लैंडिंग

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे (18,155)
  • पहाड़ के स्वाद ने पार किया छह करोड़ का आंकड़ा, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ बना नया बाजार (17,648)
  • क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी (17,261)
  • दुनियाभर में होगी उत्तराखंड के सेब की ब्राडिंग  (16,557)
  • चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी (16,322)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?