Dehradun, 12 September 2026। बढ़ते पर्यटन और चारधाम यात्रा के दबाव से पहाड़ों में सड़कों पर बढ़ रही पार्किंग और जाम की समस्या से निपटने के लिए उत्तराखंड में पार्किंग ढांचे को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। सीमित जमीन में अधिक वाहनों को खड़ा करने के लिए बहुमंजिला और ऑटोमेटेड पार्किंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। आवास विभाग ने पिछले चार वर्षों में प्रदेश के 10 पर्वतीय जिलों में 63 पार्किंग परियोजनाओं का निर्माण पूरा कर 4202 वाहनों की क्षमता विकसित की है। इससे पर्यटन और तीर्थस्थलों पर सड़क किनारे होने वाली अव्यवस्थित पार्किंग को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं में सामान्य सरफेस पार्किंग के साथ मल्टीलेवल और ऑटोमेटेड पार्किंग भी शामिल हैं। पहाड़ी शहरों में जमीन की उपलब्धता सीमित होने के कारण बहुमंजिला पार्किंग को महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अल्मोड़ा में सर्वाधिक 1087 वाहनों, नैनीताल में 679, चंपावत में 600 और उत्तरकाशी में 477 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की गई है। इसके अलावा पिथौरागढ़ में 309, रुद्रप्रयाग में 304, पौड़ी में 256, चमोली में 201, टिहरी में 163 और बागेश्वर में 126 वाहनों की क्षमता तैयार हुई है।
नैनीताल और कैंची धाम में बड़ी परियोजनाएं
पार्किंग सुविधाओं के विस्तार का काम प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर भी जारी है। नैनीताल के मेट्रोपोल होटल परिसर में करीब 700 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग निर्माणाधीन है। वहीं कैंची धाम में 500 से अधिक वाहनों की क्षमता वाली बहुमंजिला पार्किंग तैयार की जा रही है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर पर्यटन सीजन और यात्रा के दौरान इन क्षेत्रों में वाहनों के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
पार्किंग सुविधाओं पर सरकार का जोर
सचिव, आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशानिर्देशों के क्रम में प्रदेश में पार्किंग सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। पर्वतीय जिलों में 63 पार्किंग परियोजनाएं पूरी होने से पार्किंग की समस्या काफी हद तक हल हुई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देश-दुनिया के पर्यटकों और श्रद्धालुओं का पसंदीदा गंतव्य बन गया है। पिछले वर्ष छह करोड़ से अधिक लोग प्रदेश में पहुंचे। इसे देखते हुए यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों और चारधाम यात्रा मार्गों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।




