Tehri, 13 September 2026। टिहरी के पीएम श्री राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय ढुंगीधार में अब पढ़ाई सिर्फ ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं है। डिजिटल बोर्ड और स्मार्ट टीवी के जरिए कक्षा में ज्ञान की नई दुनिया आकार ले रही है। शिक्षक कठिन विषयों को तस्वीरों, वीडियो और डिजिटल सामग्री के माध्यम से समझाते हैं, जिससे बच्चे विषयों को सुनने के साथ देखकर और गतिविधियों के जरिए सीख रहे हैं। तकनीक के इस इस्तेमाल ने सरकारी स्कूल की कक्षाओं को अधिक रोचक और बच्चों के अनुकूल बना दिया है।
विद्यालय में 59 बालिकाओं और 55 बालकों समेत कुल 114 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। छह शिक्षक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में जुटे हैं। तीन कक्षाओं में स्मार्ट टीवी की सुविधा उपलब्ध है, जबकि डिजिटल बोर्ड के माध्यम से विषयों को दृश्य और गतिविधि आधारित तरीके से समझाया जाता है। इससे गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों को बच्चों के स्तर के अनुरूप सरल बनाने में मदद मिल रही है।
विद्यालय ने स्वच्छता और सुविधाओं के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश स्तर पर स्वच्छता पुरस्कार मिलने के साथ जनपद स्तर पर विद्यालय को दो बार सम्मानित किया जा चुका है। आरओ से शुद्ध पेयजल, बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, सीसीटीवी कैमरे और फायर सेफ्टी उपकरण बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध करा रहे हैं।
हर माह अभिभावक बैठक के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और गतिविधियों को लेकर संवाद किया जाता है। विद्यालय के विद्यार्थियों का समय-समय पर जवाहर नवोदय विद्यालय में चयन भी होता रहा है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी कमला ने बताया कि बाला योजना के तहत विद्यालयों में पेंटिंग, सौंदर्यीकरण और बालानुकूल फर्नीचर की व्यवस्था की जा रही है। प्रधानाचार्य मोर सिंह असवाल ने कहा कि विद्यालय का प्रयास बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ ऐसा वातावरण देना है, जहां वे खेल और रचनात्मक गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा को निखार सकें।
जादू के पिटारे से समझ रहे गणित-विज्ञान
विद्यालय में छह कंप्यूटर और एक लैपटॉप उपलब्ध हैं। पुस्तकालय कॉर्नर के जरिए बच्चों में पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित की जा रही है। ‘जादू का पिटारा’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से गणित और विज्ञान को खेल-खेल में समझाने का प्रयास किया जाता है।
खेल, योग और बैंड से बढ़ रहा आत्मविश्वास
पढ़ाई के साथ बच्चों की शारीरिक और रचनात्मक प्रतिभा को भी मंच मिल रहा है। योग, खेल, स्कूल बैंड और सांस्कृतिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती हैं। विद्यालय के आठ बच्चे राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुके हैं। इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और आत्मविश्वास भी विकसित हो रहा है।




