By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: एचआइवी, हैपेटाइटिस-बी, हैपेटाइटिस-सी का पता लगाने में तीनों मार्कर बड़े कारक
Share
Notification Show More
Latest News
श्री दरबार साहिब में आस्था का महासागर, 94 फीट ऊंचे श्री झण्डे जी पर झुके लाखों शीश
उत्तराखंड
ग्लूकोमा से बचाव के लिए निकाली वॉकाथॉन, नियमित नेत्र जांच का दिया संदेश
उत्तराखंड
हरिद्वार के गंगा तट से भाजपा ने फूंका चुनावी बिगुल
उत्तराखंड
सहस्त्रधारा रोड पर अवैध निर्माण सील, एमडीडीए की सख्त कार्रवाई
उत्तराखंड
डबल इंजन सरकार ने विकास की नई इबारत लिखी: धामी
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > एचआइवी, हैपेटाइटिस-बी, हैपेटाइटिस-सी का पता लगाने में तीनों मार्कर बड़े कारक
उत्तराखंड

एचआइवी, हैपेटाइटिस-बी, हैपेटाइटिस-सी का पता लगाने में तीनों मार्कर बड़े कारक

Web Editor
Last updated: 2023/06/03 at 11:40 AM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

 श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के माइक्रोबायलाॅजी विभाग की ओर से एक दिवसीय सीएमई कार्यक्रम का आयोजन
 माइक्रोबायोलाॅजिस्ट ने एक मंच पर सांझा की एचआईवी और हैपेटाइटिस की जाॅच से जुड़ी आधुनिक तकनीकें

देहरादून : श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के माइक्रोबायलाॅजी एण्ड इम्यूनोलाॅजी विभाग की ओर से एक दिवसीय निरन्तर चिकित्सा शिक्षा (सी एम ई) कार्यक्रम (कन्टीन्यूंयिग मेडिकल एजुकेशन प्रोग्राम) का आयोजन किया गया। वायरल मार्कर विषय पर आयोजित इस जिला स्तरीय सी एम ई में 150 से अधिक विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभाग लिया। सीएमई के माध्यम से एचआइवी, हैपेटाइटिस-बी, हैपेटाइटिस-सी से जुड़े प्रभावों, जाॅच, उपचार व चुनौतियों से जुड़े मेडिकल बिन्दुओं को विशेषज्ञों ने रेखांकित किया। विशेषज्ञों ने सीएमई में एक सुर में कहा कि जाॅचों के उपरोक्त तीनों वायरल मार्कर का समय से उपयोग किए जाने पर मरीज की बीमारी का सही समय पर पता लगाया जा सकता है व सही उपचार भी शुरू किया जा सकता है।

शनिवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के सभागार में सीएमआई का शुभारम्भ मुख्य अतिथि, प्राचार्य, एसजीआरआर इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज, डाॅ आर.के.वर्मा, ़ व विशिष्ट अतिथि, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, डाॅ प्रेरक मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, डाॅ अजय पंडिता व चिकित्सा अधीक्षक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, डाॅ गौरव रतूडी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया। सीएमई के मुख्य वक्ता डाॅ बंसीधर तराई, वरिष्ठ माइक्रोबायोलाॅजिस्ट, मैक्स अस्पताल, साकेत दिल्ली ने एचआईवी के कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने एचआईवी की प्रचलित जाॅचों के माॅडल व माॅर्डन माॅडलों का तुलनात्मक विवरण व जानकारियों सांझा की। उन्होंने जानकारी दी कि एचआईवी की प्रचलित जाॅचों के अलावा कुछ अन्य जाॅचें जैसे कि वायरल लोड, पी24 एंटीजन एचआईवी जाॅचों का ऐसा माॅर्डन प्रारूप है जिनके परिणामांें में एचआइवी पाॅजीटिव का आसानी से व जल्द पता लग जाता है।

डाॅ (प्रो.) डिम्पल रैना, सैन्ट्रल लैब डायरेक्टर, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने हैपेटाइटिस बी व हैपेटाइटिस सी की जाॅचों के विभिन्न चरणों को विस्तृत रूप से बताया। उन्होंने नेशनल हैपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम को उल्लेखित करते हुए राष्ट्रीय कार्यक्रम की जाॅचों से अवगत करवाया।
सी एम ई कार्यक्रम के दौरान एक पैनल डिस्कशन का भी आयोजन किया गया। इस पैनल डिस्कशन मे श्री गुरू राम मेडिकल एंड हैल्थ सांइसेज के वरिष्ठ फैक्लटी सदस्यों डाॅ अमित वर्मा, डाॅ अमित सोनी, डाॅ बंसीधर तराई, डाॅ सुलेखा नौटियाल एंव डाॅ डिम्पल रैना ने भाग लिया। इस पैनल डिस्कशन मे उपरोक्त सभी विशेषज्ञों ने हैपेटाइटिस व एच आई वी की जाॅचांे व उपचार के बारे मे विस्तृत जानकारी दी। इसके उपरांत इन विशेषज्ञो ने सी एम ई कार्यक्रम मे भाग ले रहे डाॅक्टरो के प्रश्नो के उत्तर दे कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।

मंच संचालन डाॅ क्षितिजा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डाॅ (प्रो.) सुलेखा नौटियाल, विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलाॅजी विभाग, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने किया। सीएमई को सफल बनाने में डाॅ ईवा चंदोला, डाॅ रेशमी राॅय, डाॅ हिमांशु नरूला, डाॅ रंजना रोहिल्ला, डाॅ मालविका सिंह, डाॅ शिवांग पटवाल, डाॅ सौम्या आदि का भी विशेष सहयोग रहा। इस सी एम ई कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए उत्तराखण्ड मेडिकल काउसिंल(यू के एम सी) के द्वारा अनुमति प्राप्त की गई थी।

You Might Also Like

श्री दरबार साहिब में आस्था का महासागर, 94 फीट ऊंचे श्री झण्डे जी पर झुके लाखों शीश

ग्लूकोमा से बचाव के लिए निकाली वॉकाथॉन, नियमित नेत्र जांच का दिया संदेश

हरिद्वार के गंगा तट से भाजपा ने फूंका चुनावी बिगुल

सहस्त्रधारा रोड पर अवैध निर्माण सील, एमडीडीए की सख्त कार्रवाई

डबल इंजन सरकार ने विकास की नई इबारत लिखी: धामी

TAGGED: health problem
Web Editor June 3, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article राज्‍यपाल ने कैंची धाम में किए बाबा नीम करौली के दर्शन
Next Article मुख्‍यमंत्री ने चम्‍पावत को दी 50.54 करोड़ की 42 विकास योजनाओं की सौगात
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

श्री दरबार साहिब में आस्था का महासागर, 94 फीट ऊंचे श्री झण्डे जी पर झुके लाखों शीश
उत्तराखंड March 8, 2026
ग्लूकोमा से बचाव के लिए निकाली वॉकाथॉन, नियमित नेत्र जांच का दिया संदेश
उत्तराखंड March 8, 2026
हरिद्वार के गंगा तट से भाजपा ने फूंका चुनावी बिगुल
उत्तराखंड March 7, 2026
सहस्त्रधारा रोड पर अवैध निर्माण सील, एमडीडीए की सख्त कार्रवाई
उत्तराखंड March 7, 2026

Recent Posts

  • श्री दरबार साहिब में आस्था का महासागर, 94 फीट ऊंचे श्री झण्डे जी पर झुके लाखों शीश
  • ग्लूकोमा से बचाव के लिए निकाली वॉकाथॉन, नियमित नेत्र जांच का दिया संदेश
  • हरिद्वार के गंगा तट से भाजपा ने फूंका चुनावी बिगुल
  • सहस्त्रधारा रोड पर अवैध निर्माण सील, एमडीडीए की सख्त कार्रवाई
  • डबल इंजन सरकार ने विकास की नई इबारत लिखी: धामी

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,028)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (5,931)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,417)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,287)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,214)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?