By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: केंद्र से मिलने वाली धनराशि का शत प्रतिशत उपयोग नहीं हुआ तो नपेंगे सचिव व विभागाध्‍यक्ष
Share
Notification Show More
Latest News
सारे झंझट खत्म, अब आपकी तरफ से फोन करेगा Google Gemini
उत्तराखंड
प्रेम-प्रसंग के शक में बहन और पड़ोसी युवक की गोली मारकर हत्या
उत्तराखंड
बारिश और हिमपात के बीच चारधाम यात्रा पर ब्रेक, पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की चादर
उत्तराखंड
तीन अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, सुपर चेकिंग से परखी जा रही हर एंट्री
उत्तराखंड
कॉर्बेट में जंगल सफारी बनी पर्यटकों की पहली पसंद, 2.11 लाख सैलानियों ने किया भ्रमण
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > केंद्र से मिलने वाली धनराशि का शत प्रतिशत उपयोग नहीं हुआ तो नपेंगे सचिव व विभागाध्‍यक्ष
उत्तराखंड

केंद्र से मिलने वाली धनराशि का शत प्रतिशत उपयोग नहीं हुआ तो नपेंगे सचिव व विभागाध्‍यक्ष

Web Editor
Last updated: 2023/08/18 at 12:02 PM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

देहरादून : राज्य में संचालित केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत केन्द्र सरकार से प्राप्त होने वाली धनराशि का विकास कार्यों में शत प्रतिशत धनराशि खर्च किया जाए। इसके लिए विभागाध्यक्ष एवं सचिव की जिम्मेदारी तय की जायेगी। केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत निगरानी के लिए शासन स्तर पर एक मॉनिटरिंग सेल बनाया जाय। विभाग द्वारा केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजे जाने तथा प्रस्ताव पर स्वीकृति के बाद विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाय। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में केन्द्र पोषित योजनाओं एवं बाह्य सहायतित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्रपोषित योजनाओं के तहत योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए किसी भी विभाग को कोई समस्या आ रही है तो मुख्यमंत्री कार्यालय को समस्या से शीघ्र अवगत कराया जाय। समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जायेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि विभिन्न विकास योजनाओं के तहत केन्द्र सरकार से धनराशि स्वीकृत होने के बाद फाइल अनावश्क रूप से शासन में लंबित न रहे। विभागीय सचिव अपने स्तर से स्वीकृत धनराशि जारी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र पोषित योजनाओं का राज्य को पूरा फायदा मिल सके, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। सभी विभाग योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की दिशा में अपनी ओर से बेस्ट परफार्मेंस दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग के तहत जिन केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत कार्य हो रहे हैं, मार्च 2024 तक विभाग ने इसके लिए क्या प्लान बनाया है, वह प्लान प्रस्तुत किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अवस्थापना विकास से सबंधित कार्यों में तेजी लाई जाय। कार्यदाई संस्थाओं के चयन के लिए विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद चयन प्रक्रिया अविलम्ब प्रारम्भ कराई जाये, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब न हो। राज्य की कार्यदाई संस्थाओं को पहले प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान 50 करोड़ रूपये से अधिक बजट की 22 विभागों की 42 केन्द्र पोषित योजनाओं की समीक्षा की। बाह्य सहायतित योजनाओं के कार्यों में भी और तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये। के
बैठक में बताया गया कि केन्द्रीय पोषित योजनाओं के तहत राज्य के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिये कुल 15 हजार 583 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 31 जुलाई 2023 तक 04 हजार 204 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। जिसके सापेक्ष 01 हजार 759 करोड़ रूपये की धनराशि व्यय की जा चुकी है। 31 जुलाई 2023 तक बजट के सापेक्ष 27 प्रतिशत धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष अभी तक 42 प्रतिशत धनराशि व्यय की जा चुकी है। जबकि राज्य में 8338 करोड़ रूपये की 12 बाह्य सहायतित परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जबकि 17165 करेाड़ की 10 बाह्य सहायतित परियोनाएं पाईपलाईन में हैं।

You Might Also Like

सारे झंझट खत्म, अब आपकी तरफ से फोन करेगा Google Gemini

प्रेम-प्रसंग के शक में बहन और पड़ोसी युवक की गोली मारकर हत्या

बारिश और हिमपात के बीच चारधाम यात्रा पर ब्रेक, पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की चादर

तीन अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, सुपर चेकिंग से परखी जा रही हर एंट्री

कॉर्बेट में जंगल सफारी बनी पर्यटकों की पहली पसंद, 2.11 लाख सैलानियों ने किया भ्रमण

TAGGED: centers help shuold used
Web Editor August 18, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article अमेरिका के शिकागो में आयोजित धर्म संसद में जलवायु परिवर्तन पर मंथन
Next Article साइबर फ्रॉड से ऐसे बचें, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में एक्सपर्ट ने दिए टिप्स
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

सारे झंझट खत्म, अब आपकी तरफ से फोन करेगा Google Gemini
उत्तराखंड September 26, 2026
प्रेम-प्रसंग के शक में बहन और पड़ोसी युवक की गोली मारकर हत्या
उत्तराखंड September 26, 2026
बारिश और हिमपात के बीच चारधाम यात्रा पर ब्रेक, पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की चादर
उत्तराखंड September 26, 2026
तीन अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, सुपर चेकिंग से परखी जा रही हर एंट्री
उत्तराखंड September 26, 2026

Recent Posts

  • सारे झंझट खत्म, अब आपकी तरफ से फोन करेगा Google Gemini
  • प्रेम-प्रसंग के शक में बहन और पड़ोसी युवक की गोली मारकर हत्या
  • बारिश और हिमपात के बीच चारधाम यात्रा पर ब्रेक, पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की चादर
  • तीन अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, सुपर चेकिंग से परखी जा रही हर एंट्री
  • कॉर्बेट में जंगल सफारी बनी पर्यटकों की पहली पसंद, 2.11 लाख सैलानियों ने किया भ्रमण

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (7,506)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (7,420)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (5,982)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (5,816)
  • हिमनद झीलों पर नजर, एक-दो मिनट में मिलेगा खतरे का अलर्ट (5,779)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?