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सहस्र ताल हादसा : 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले बर्फीले तूफान की चपेट में आया था ट्रेकिंग दल

Web Editor
Last updated: 2024/06/06 at 2:36 AM
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देहरादून : उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में 4100 से 4400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सहस्रताल की ट्रेकिंग के दौरान बर्फीले तूफान और इसकी चपेट में आए ट्रेकरों की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है। साहसिक सफर पर 22 ट्रेकर निकले थे, लेकिन 09 वापस नहीं लौट पाए। 05 ट्रेकरों के शव बरामद कर लिए गए हैं और शेष की तलाश के लिए उत्तराखंड एसडीआरएफ को अभी और मशक्कत करनी पड़ेगी। जिन 11 ट्रेकरों को एसडीआरएफ की टीम ने अथक प्रयास के बाद बचा लिया, उन्होंने बताया कि किस तरह उन्हें करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले बर्फीले तूफान ने अपनी चपेट में ले लिया था। जिसके बाद लग रहा था कि अब कोई नहीं बचने वाला और दल के कई सदस्य अलग थलग हो गए थे।

एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा के मुताबिक उत्तराखंड के जनपद टिहरी व उत्तरकाशी के मध्य स्थित सहस्रताल ट्रेक पर 22 सदस्यीय ट्रेकिंग दल 29 मई 2024 को हिमालयन व्यू ट्रेकिंग ऐजेंसी, मनेरी (उत्तरकाशी) के माध्यम से रवाना हुआ था। खराब मौसम के कारण रास्ता भटक जाने पर इसके 04 सदस्यों की मृत्यू होने और अन्य सदस्यों के उच्च हिमालयी ट्रेक रुट में फंसने की सूचना जनपद उत्तरकाशी से एसडीआरएफ को दिनांकः 04.06.2024 को देर शाम प्राप्त हुई थी। इस सूचना पर सभी हाई एल्टीट्यूड/रेस्क्यू टीमों को अलर्ट करते हुए रेस्क्यू की तैयारी शुरू की गई थी। जिसमें विभिन्न एजेंसियों के डेटा एकत्रित करने के साथ ही सेटेलाइट मैपिंग का भी सहारा लिया गया। इसी क्रम में 05 जून 2024 को प्रातः सेनानायक, SDRF मणिकांत मिश्रा के निर्देशानुसार SDRF की  06 सदस्यीय हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम उजैली उत्तरकाशी से प्रातः 07.00 बजे घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

दूसरी तरफ देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड पर मौजूद सेनानायक SDRF मणिकांत मिश्रा द्वारा विस्तृत ब्रींफिग के बाद 03 सदस्यीय हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम को हेलीकॉप्टर के माध्यम से ट्रेक की तरफ रवाना किया गया। राहत की बात रही कि एसडीआरएफ ने अन्य बचाव ईकाइयों के साथ मिलकर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया। सहस्रताल ट्रेक पर फंसे 11 ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सकुशल रेस्क्यू किया गया, जिनमें से 08 ट्रेकर्स को सहस्त्रधारा हेलीपैड एवं 03 को भटवाड़ी उत्तरकाशी में सुरक्षित पहुंचाया गया। सभी को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरी तरफ 02 ट्रेकर्स स्थानीय गाइड के साथ पैदल मार्ग से बेस कैंप कुश कल्याण से सिल्ला गांव की ओर रवाना हो गए। जिन 04 ट्रेकर्स का अभी पता नहीं चल पाया है, उन्हें विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए मृत मान लिया गया है, लेकिन सभी के शव बरामद करने के लिए सभी जतन किए जा रहे हैं।

एसडीआरएफ ने इन्हें किया रेस्क्यू
1. जय प्रकाश वी.एस उम्र- 61 वर्ष, निवासी गिरी नगर बैंगलोर (वर्तमान में देहरादून में)
2. भरत वी., उम्र-53 वर्ष, निवासी हंपी नगर बैंगलोर (वर्तमान में देहरादून में)
3. अनिल भटा, उम्र-52, निवासी जोप नगर बैंगलोर (वर्तमान में देहरादून में)
4. मधुकिरन रेड्डी, उम्र-52, निवासी बैंगलोर (वर्तमान में देहरादून में)
5. शीना लक्ष्मी, उम्र-48, निवासी केआर.पुरम बैंगलोर (वर्तमान में देहरादून में)
6. शौम्या के., उम्र-31 वर्ष, निवासी बैंगलोर (वर्तमान में देहरादून में)
7. शिवा ज्योति, उम्र-45, निवासी एच.एस.आर. बैंगलोर (वर्तमान में देहरादून में)
8. स्मूर्ति प्रकाश डोलास, उम्र-45, निवासी  पूणे, महाराष्ट्र (वर्तमान में देहरादून में)
9. विनायक एम.के., उम्र-47, निवासी प्रेस्टीज सिटी, बैंगलोर (वर्तमान में भटवाड़ी में सुरक्षित)
10. श्रीरामल्लु सुधाकर, उम्र-64, निवासी एस.आर.के. नगर बैंगलोर (वर्तमान में भटवाड़ी में सुरक्षित)
11. विवेक श्रीधर, उम्र- 37 वर्ष, निवासी- बैंगलोर, (वर्तमान में भटवाड़ी में सुरक्षित)

बेस कैंप कुश कल्याण गांव से पैदल सिल्ला गांव की ओर आने वाले ट्रेकर 

1. नवीन ए, 40 वर्ष, निवासी- बैंगलोर
2. ऋतिका, 37 वर्ष, निवासी- बैंगलोर

05 मृतक ट्रेकर्स, जिनके शव बरामद कर नटीण तहसील- भटवाड़ी, उत्तरकाशी लाए गए 

1. आशा सुधाकर उम्र-71 वर्ष, निवासी बैंगलोर
2. सिंधु, उम्र-45 वर्ष, निवासी बैंगलोर
3. सुजाता उम्र-51 वर्ष, निवासी बैंगलोर
4. विनायक, उम्र-54 वर्ष, निवासी बैंगलोर, साउथ कर्नाटक
5. चित्रा परिणीथ, उम्र-48 वर्ष, निवासी बैंगलोर

इनकी खोजबीन को फिर होगा रेस्क्यू
1.पद्मिनी हेगड़े पुत्री शैलजा हेगड़े-उम्र 35
2.वेंकटेश प्रसाद नागराम उम्र-52 वर्ष
3.अनीता पत्नी रंगप्पा-उम्र 61 वर्ष
4.पद्मनाभन केपी पुत्र नामालूम-उम्र 50 वर्ष

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