By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: कफ सिरप बिक्री पर निगरानी तेज, 350 से अधिक सैंपल जांच हेतु भेजे गए, कई मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस रद्द
Share
Notification Show More
Latest News
चारधाम यात्रा में ‘सचेत ऐप’ बना सुरक्षा का डिजिटल कवच
उत्तराखंड
Doon-Delhi express way : उत्तराखंड के विकास का नया कॉरिडोर 
उत्तराखंड
टनल युग की ओर उत्तराखंड: गडकरी
उत्तराखंड
एसजीआरआरयू जॉब उत्सव 4.0: 200 युवाओं को मिला प्लेसमेंट, 35 कंपनियों ने खोले करियर के द्वार
उत्तराखंड
बच्चों ने राजेश पांडेय से सुनी ‘पेड़ घूमने क्यों नहीं जाता’ कहानी
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > स्वास्थ्य > कफ सिरप बिक्री पर निगरानी तेज, 350 से अधिक सैंपल जांच हेतु भेजे गए, कई मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस रद्द
स्वास्थ्य

कफ सिरप बिक्री पर निगरानी तेज, 350 से अधिक सैंपल जांच हेतु भेजे गए, कई मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस रद्द

Web Editor
Last updated: 2025/10/11 at 2:38 PM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

Uttarakhand Govt Launches Statewide Crackdown on Cough Syrups to Protect Children’s Health

 

देहरादून, 11 अक्टूबर 2025 : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में बच्चों की सुरक्षा के लिए औषधि विभाग ने प्रदेशव्यापी अभियान छेड़ दिया है। संदिग्ध और प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों में औचक निरीक्षण शुरू कर दिए गए हैं। अब तक प्रदेशभर से 350 से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे गए, जबकि दर्जनों मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। सरकार ने सभी बाल चिकित्सकों से अपील की है कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न लिखें।

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त (FDA) डॉ. आर. राजेश कुमार स्वयं इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे रोजाना टीमों से फीडबैक लेकर प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। अभियान का नेतृत्व अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी कर रहे हैं, जिनके निर्देशन में औषधि निरीक्षक टीमें सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून में औषधि विभाग की कार्रवाई
राजधानी देहरादून में औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा की टीम ने पलटन बाजार, घंटाघर, ऋषिकेश रोड, जॉलीग्रांट और अजबपुर क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किए। कई मेडिकल स्टोर्स पर बच्चों की सर्दी-खांसी की दवाइयाँ अलग से भंडारित पाई गईं, जिन्हें मौके पर सील कर दिया गया। 11 औषधियों के नमूने जांच के लिए लिए गए, जबकि एक मेडिकल स्टोर को बंद किया गया।

ऋषिकेश और हल्द्वानी में बड़ी कार्रवाई
ऋषिकेश क्षेत्र में औषधि निरीक्षक निधि रतूड़ी ने एसपीएस चिकित्सालय और जॉलीग्रांट के आसपास मेडिकल स्टोर्स की जांच की। टीम ने 6 औषधियों के नमूने जांच के लिए लिए और प्रतिबंधित सिरप की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई। हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र में सात मेडिकल स्टोर्स की जांच के दौरान दो सिरप के नमूने लिए गए।

अल्मोड़ा और बागेश्वर में भी औचक निरीक्षण
अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में औषधि निरीक्षकों की टीमों ने मेडिकल स्टोर्स पर निरीक्षण करते हुए बाल चिकित्सा सिरप के नमूने जांच के लिए एकत्र किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—उत्तराखंड में ऐसा कोई सिरप न बिके जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बने। सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।” वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चिकित्सकों से अपील की कि वे बच्चों की दवा लिखते समय विशेष सतर्कता बरतें।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने चेतावनी दी कि बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान फार्मा कंपनियों और अस्पतालों तक विस्तारित किया गया है।

अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा, जब तक प्रदेश से असुरक्षित औषधियों का पूर्ण उन्मूलन नहीं हो जाता।
यह कदम उत्तराखंड सरकार के सुरक्षित स्वास्थ्य मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएँ उपलब्ध कराना है।

You Might Also Like

विश्व किडनी दिवस पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में जागरूकता रैली, गुर्दा रोगों से बचाव का दिया संदेश

श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में उत्तराखंड की पहली रोबोटिक पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला का शुभारंभ

इन्दिरेश अस्पताल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर बना गरीबों के लिए संजीवनी, 5304 मरीजों को मिला इलाज का सहारा

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में 10 फरवरी को विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में माइक्रोवैस्क्युलर फ्री-फ्लैप सर्जरी से मिला नया जीवन

TAGGED: several medical store licenses revoked to ensure child safety., Under CM Pushkar Singh Dhami’s strict orders, Uttarakhand’s Drug Department has launched a major crackdown on unsafe cough syrups. Over 350 samples collected
Web Editor October 11, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article प्रदेश के 840 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट एजुकेशन सिस्टम 
Next Article बेकाबू कार की टक्कर से डीएवी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और भाजयुमो नेता जितेंद्र बिष्ट की मौत
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

चारधाम यात्रा में ‘सचेत ऐप’ बना सुरक्षा का डिजिटल कवच
उत्तराखंड April 15, 2026
Doon-Delhi express way : उत्तराखंड के विकास का नया कॉरिडोर 
उत्तराखंड April 15, 2026
टनल युग की ओर उत्तराखंड: गडकरी
उत्तराखंड April 15, 2026
एसजीआरआरयू जॉब उत्सव 4.0: 200 युवाओं को मिला प्लेसमेंट, 35 कंपनियों ने खोले करियर के द्वार
उत्तराखंड April 11, 2026

Recent Posts

  • चारधाम यात्रा में ‘सचेत ऐप’ बना सुरक्षा का डिजिटल कवच
  • Doon-Delhi express way : उत्तराखंड के विकास का नया कॉरिडोर 
  • टनल युग की ओर उत्तराखंड: गडकरी
  • एसजीआरआरयू जॉब उत्सव 4.0: 200 युवाओं को मिला प्लेसमेंट, 35 कंपनियों ने खोले करियर के द्वार
  • बच्चों ने राजेश पांडेय से सुनी ‘पेड़ घूमने क्यों नहीं जाता’ कहानी

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,108)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (5,995)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,499)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,376)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,284)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?